तीन माह की फंड रिक्वेस्ट प्राप्त न होने पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी
सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंश को नजदीकी गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कराएं : जिलाधिकारी
मुरादाबाद, 17 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार, मुरादाबाद में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकासखंड मूंढापांडे की गत तीन माह की फंड रिक्वेस्ट प्राप्त न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सड़कों एवं खेतों में विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश को प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर नजदीकी गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने के भी निर्देश दिए गए।
जिला स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि जनपद मुरादाबाद में वर्तमान में कुल 36 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें 23 अस्थायी गोआश्रय स्थल, 07 वृहद गोसंरक्षण केंद्र तथा 06 कान्हा गौशाला नगर निकायों द्वारा संचालित हैं। इन गोआश्रय स्थलों की कुल धारण क्षमता 10,500 गोवंश है, जिसके सापेक्ष वर्तमान में 7,870 गोवंश संरक्षित हैं।
जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बैठक में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत भरण-पोषण धनराशि के भुगतान की समीक्षा की गई। माह जुलाई 2026 तक की फंड रिक्वेस्ट विकासखंड मुख्यालयों से प्राप्त होकर लखनऊ मुख्यालय प्रेषित की जा चुकी है। विकासखंड मूंढापांडे की गत तीन माह की फंड रिक्वेस्ट प्राप्त न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उसे तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि फंड रिक्वेस्ट भेजते समय गोवंश की जियो-टैग फोटो का प्रत्येक माह सत्यापन कर निर्धारित समयसीमा में गो-आश्रय पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि जनपद की फंड रिक्वेस्ट समय से पोर्टल पर अपलोड हो सके।
गोचर भूमि पर हरा चारा उत्पादन पर जोर
गो-आश्रय स्थलों से लिंक गोचर एवं चारागाह भूमि पर नेपियर घास सहित अन्य हरे चारे का उत्पादन कर संरक्षित गोवंश को नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
गोचर एवं चारागाह भूमि को कब्जामुक्त कराएं
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील प्रशासन से समन्वय स्थापित कर जनपद में उपलब्ध खाली पड़ी गोचर, चारागाह एवं नवीन परती भूमि को शीघ्र कब्जामुक्त कराकर संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तगत कराया जाए तथा इन भूमि को गो-आश्रय स्थलों से मैप किया जाए।
संभावित बाढ़ को देखते हुए पहले से हों आवश्यक इंतजाम
जिलाधिकारी ने फाजलपुर, राजूपुर मिलक, कान्हा गौशाला उमरी कला सहित अन्य गोआश्रय स्थलों में संभावित बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी गोआश्रय स्थलों में बीमार गोवंश को अलग रखने के लिए कैटल शेड के एक ओर आइसोलेशन वार्ड बनाने के भी निर्देश दिए।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल