स्टांप मूल्यांकन के दो मामलों की जिलाधिकारी ने की जांच, विस्तृत रिपोर्ट तलब

 


देवरिया, 15 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े दो स्टांप मूल्यांकन मामलों की मौके पर पहुंचकर जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व एवं निबंधन विभाग के अधिकारियों को विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा स्टांप शुल्क में कमी पाए जाने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पहले मामले में जिलाधिकारी ने बेलपार पंडित निवासी चंद्रेश कुमार पांडेय द्वारा शशि के पक्ष में विक्रय की गई भूमि के स्टांप मूल्यांकन की जांच की। इस प्रकरण में भूमि का विक्रय प्रतिफल 1.30 करोड़ रुपये तथा मालियत 1.66 करोड़ रुपये दर्ज है। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर भूमि की स्थिति और अभिलेखों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

इसके बाद उन्होंने बहियारी बघेल गांव में विक्रेता रमेन्द्र उर्फ रमेन्द्र और क्रेता ऑर्बिट ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए भूमि क्रय-विक्रय से जुड़े स्टांप मूल्यांकन प्रकरण की भी जांच की। इस मामले में विक्रय प्रतिफल 1.16 करोड़ रुपये तथा मालियत 1.07 करोड़ रुपये दर्ज है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अभिलेखों और तथ्यों का गहन परीक्षण कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए।

जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, उप निबंधक तथा राजस्व एवं निबंधन विभाग के अधिकारियों से कहा कि यदि जांच में स्टांप शुल्क की चोरी या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी प्रकरणों का पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी भाटपाररानी, तहसीलदार, उप निबंधक, राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक