वाराणसी में बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस हाेगा निलंबित : जिलाधिकारी
—बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित विवाह भवनों की पहचान कर उन्हें सीज करने के निर्देश
वाराणसी, 30 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में यातायात नियमों के उल्लंघन पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा, जबकि गंभीर मामलों में लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई होगी। सोमवार को यह निर्देश जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने परिवहन विभाग को दिए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस के आंकड़ों के आधार पर उन्होंने बताया कि अधिकांश दुर्घटनाएं पेट्रोल पंप, ढाबों/रेस्टोरेंट, चौराहों, अंडरपास, सर्विस लेन और सड़क के मर्जिंग प्वाइंट के आसपास हो रही हैं।
इन स्थितियों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को निर्देश दिया कि बिना समुचित सर्विस लेन के संचालित पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ सीजिंग की कार्रवाई की जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित विवाह भवनों की पहचान कर उन्हें सीज किया जाए और उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएं, क्योंकि ये सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डायल-112 पीआरवी वाहनों में निकटतम अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही राजवीर योजना के तहत अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने पर जोर दिया गया।
विद्यालय वाहनों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देशित किया कि सभी स्कूलों को स्पीड गवर्नर, लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और सीट बेल्ट जैसी आवश्यक सुविधाओं की चेकलिस्ट उपलब्ध कराई जाए और 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। विद्यार्थियों को ढोने वाले सभी वाहनों—चाहे वे विद्यालय से संबद्ध हों या नहीं—की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा विद्यालय प्रबंधन और रोडवेज अधिकारियों को चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, हृदय जांच और नेत्र परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐसे मामलों में अभिभावकों पर भारी जुर्माना लगाने और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने को कहा गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक वर्मा, एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा, एआरटीओ सुधांशु रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी