देवरिया : बेसहारा और बेघर लोगों के पुनर्वास के लिए गठित हुई जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स

 


देवरिया, 30 अक्टूबर (हि.स.)। सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले बेघर, बेसहारा और मानसिक रूप से बीमार लोगों के संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स से जुड़े अधिकारियों को ऐसे लोगों का चिन्हांकन कर उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ा है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का पूरी तत्परता से निर्वहन करें।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक की। बैठक में उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा 13 अप्रैल 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में गठित संयुक्त समिति के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि न्यायालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए जरूरतमंद लोगों को संरक्षण और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में बताया गया कि जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स का गठन सड़कों और फुटपाथों पर लावारिस स्थिति में रहने वाले बेघर व्यक्तियों, मानसिक रूप से बीमार, मंदबुद्धि और दिव्यांग लोगों की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए किया गया है। टास्क फोर्स शहर के प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, अस्पतालों, रेलवे परिसर, बस स्टेशन, टैक्सी स्टैंड और मुख्य बाजारों सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर ऐसे लोगों को चिह्नित करेगी। इसके बाद उनकी जरूरत के अनुसार संरक्षण और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।

जिलाधिकारी ने समिति के सभी सदस्यों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर ऐसे व्यक्ति के मिलने की सूचना तत्काल ग्रुप में साझा की जाए। सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से सूचना रेस्क्यू टास्क फोर्स तक पहुंचाएं, ताकि समय से कार्रवाई कर संबंधित व्यक्ति को सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

समिति में सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित चिकित्सा अधिकारी को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों को भी समिति में शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार चिन्हांकन की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक