छह माह के क्षेत्रीय प्रशिक्षण के लिए जिलों में भेजे जाएंगे डिप्टी एसपी

 


नए प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत डिप्टी एसपी को 20 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा

प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर की चुनौतियों का व्यावहारिक अनुभव देना है

मुरादाबाद, 02 सितम्बर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एसपी) का प्रशिक्षण अब पहले से अधिक व्यापक होगा। नए प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत डिप्टी एसपी को 20 माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। डिप्टी एसपी को छह माह के क्षेत्रीय प्रशिक्षण के लिए जिलों में भेजा जाएगा। यहां उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में पुलिसिंग का अनुभव मिलेगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसंपर्क और पुलिस के रोजमर्रा के कामकाज को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।

नए प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पुलिस अधिकारियों को पुलिसिंग के साथ प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर की चुनौतियों का व्यावहारिक अनुभव देना है। प्रशिक्षण के शुरुआती चरण में एक माह का समन्वय प्रशिक्षण होगा। यह प्रशिक्षण लखनऊ में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कराया जाएगा। इसमें पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में समन्वय और प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझने पर जोर रहेगा।

इसके बाद डिप्टी एसपी को छह माह के क्षेत्रीय प्रशिक्षण के लिए जिलों में भेजा जाएगा। यहां उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में पुलिसिंग का अनुभव मिलेगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, विवेचना, जनसंपर्क और पुलिस के रोजमर्रा के कामकाज को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।

क्षेत्रीय प्रशिक्षण पूरा करने के बाद डिप्टी एसपी को एक माह के लिए दोबारा डॉ. बीआर आंबेडकर अकादमी बुलाया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षण के दौरान हासिल अनुभवों की समीक्षा और जरूरी विषयों पर अंतिम प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ही पासिंग आउट परेड होगी।

डॉ भीमराव पुलिस अकादमी मुरादाबाद के निदेशक और पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण (डीजी ट्रेनिंग) राजीव सभरवाल का कहना है इस ट्रेनिंग से पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के साथ कानून-व्यवस्था को और प्रभावी ढंग से संभालने में मदद मिलेगी।

पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर

प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय प्रशिक्षण को नए कार्यक्रम की अहम कड़ी माना जा रहा है। डिप्टी एसपी को भविष्य में जिलाधिकारी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों में काम करना होता है। ऐसे में यह प्रशिक्षण उन्हें प्रशासनिक ढांचे और कार्यप्रणाली को समझने में मदद करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल