डिजिटल सर्वेक्षण से किसानों की जरूरतों के अनुरूप तैयार होंगी कृषि योजनाएं : डॉ. राघवेन्द्र सिंह
कानपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। कृषि क्षेत्र में बेहतर निर्णय के लिए गुणवत्तापूर्ण आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण हैं। ओपन डाटा किट के माध्यम से जुटाई गई जानकारी से किसानों की वास्तविक समस्याओं और जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी। यह बातें मंगलवार को आईसीएआर-अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान कहीं।
आईसीएआर-अटारी जोन-3, कानपुर में लैंडस्केप डायग्नोस्टिक सर्वे के लिए ओपन डाटा किट आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका आयोजन आईसीएआर-अटारी, कानपुर और अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों को डिजिटल सर्वेक्षण की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। इसके माध्यम से किसानों से उनकी खेती, स्थानीय समस्याओं और जरूरतों से जुड़ी सटीक जानकारी जुटाई जाएगी। एकत्र आंकड़ों का उपयोग कृषि अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और किसानों की आवश्यकताओं के अनुसार कृषि विस्तार कार्यक्रम तैयार करने में किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में सीजीआईएआर और आईएफपीआरआई के विशेषज्ञ डॉ. आरके मलिक, डॉ. अरिंदम और डॉ. मधुलिका ने प्रतिभागियों को विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। डॉ. मलिक ने कहा कि सर्वेक्षण का उद्देश्य अलग-अलग जिलों में किसानों की स्थानीय जरूरतों और कृषि संबंधी चुनौतियों को समझना है। इससे अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संचालित करने में सहायता मिलेगी।
प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। उन्हें ओडीके आधारित डिजिटल सर्वेक्षण, आंकड़े एकत्र करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आईसीएआर-अटारी, कानपुर के वैज्ञानिकों ने भी प्रशिक्षण में भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप