डिजिटल बैंकिंग वित्तीय सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम : प्रो. विनय कुमार पाठक

 


कानपुर, 15 जून (हि.स.)। बैंकिंग संस्थाएं देश की आर्थिक प्रगति और वित्तीय समावेशन की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। ओईएफ क्षेत्र में इंडियन ओवरसीज बैंक की नई शाखा की स्थापना जनसुविधा, वित्तीय सशक्तिकरण और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बातें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं।

सोमवार को इंडियन ओवरसीज बैंक की नवीन ओईएफ शाखा के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख अजीत कुमार पात्रा ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक एवं अन्य अतिथियों ने शाखा परिसर का अवलोकन किया तथा बैंक द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।

अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग आज के समय की आवश्यकता बन चुकी है और इससे आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित तथा त्वरित वित्तीय सेवाएं प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने युवाओं, विद्यार्थियों और उद्यमियों से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने का आह्वान किया।

बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख अजीत कुमार पात्रा ने कहा कि इंडियन ओवरसीज बैंक ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वहीं शाखा प्रमुख सुमन कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बैंक की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में हिन्दुस्तान के संपादक आशीष त्रिपाठी, सिमरन जीत सिंह, पंकज प्रसून, विभाकर पांडेय सहित बैंकिंग, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप