अक्षय तृतीया पर श्रीबांकेबिहारी महाराज के चरण दर्शन पाकर श्रद्धालु हुए कृतार्थ
पूरे ब्रज में देखने को मिला आस्था का महासंगम
मथुरा, 20 अप्रैल (हि.स.)। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वृंदावन बाँके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़ उमड़ी, सोमवार सुबह से ही ठाकुर श्री बाँके बिहारी के चरण दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। पूरा ब्रज क्षेत्र राधे-राधे के जयघोष से गूंज उठा और आस्था का महासंगम देखने को मिला। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए अच्छे इंतजाम देखने को मिले और स्वयं जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कमान संभालते हुए निरीक्षण करते हुए नजर आए।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्री बाँके बिहारी जी का श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। वर्ष में एक बार होने वाले चरण दर्शन के बीच ठाकुर जी ने पीली जड़ाऊपोशाक धारण की, जो समृद्धि और शुभता का प्रतीक मानी जाती है। सिर पर मोर पंख से सुसज्जित मुकुट ने इस दिव्य स्वरूप को और मनमोहक बना दिया। मंदिर परिसर को पीले फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय और भक्तिमय नजर आया। जैसे ही पट खुले, लाखों श्रद्धालु ठाकुर जी के चरण दर्शन के लिए उमड़ पड़े और राधे-राधे के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। विशेष बात यह रही कि साल में केवल एक दिन मिलने वाले इन चरण दर्शन को लेकर भक्त भाव-विभोर दिखे और स्वयं को धन्य मानते नजर आए। इस अवसर पर भक्तों द्वारा ठाकुर जी को पावल अर्पित करने की परंपरा भी निभाई गई, जिसे विशेष आस्था से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन बिहारी जी के दर्शन करने से बद्रीनाथ धाम के दर्शन के समान फल प्राप्त होता है, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि अक्षय तृतीया सनातन परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, इस दिन ठाकुरजी के चरण दर्शन का विशेष महत्व होता है।
इसी कारण लाखों श्रद्धालु दूर-दराज से वृंदावन पहुंचते हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए है। मंदिर तक जाने वाली सभी गलियों में मैटिंग कराई गई है ताकि श्रद्धालुओं के पैरों को गर्मी से राहत मिल सके। जगह-जगह टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था की गई है, वहीं होल्डिंग एरिया में भी पर्याप्त शेड उपलब्ध कराए गए है। गर्मी से राहत देने के लिए कूलर और पंखे लगाए गए हैं तथा पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है और मंदिर परिसर में पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम के जरिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस, मेडिकल टीमें और मजिस्ट्रेट स्तर तक की ड्यूटी लगाई गई है। सभी संबद्ध विभागों का कंट्रोल रूम बनाकर निगरानी की जा रही है। केवल वृंदावन ही नहीं, बल्कि बरसाना राधा रानी मंदिर, गोवर्धन गिरिराज मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, गोकुल धाम और द्वारकाधीश मंदिर में भी श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा हुआ है।
बिहारी जी को लगा सत्तू का भोग, चरणों में चंदन लड्डू
अक्षय तृतीया के अवसर पर बाँके बिहारी मंदिर में ठाकुर श्री बाँके बिहारी जी को परंपरागत रूप से सत्तू का विशेष भोग अर्पित किया गया। गर्मी के मौसम में सत्तू को शीतलता और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन इसका विशेष महत्व है। इस अवसर पर ठाकुर जी के चरणों में चंदन से निर्मित लड्डू भी अर्पित किया गया, जो भक्ति और शीतलता का प्रतीक माना जाता है। भोग के दर्शन के लिए बड़ी - संख्या में श्रद्धालु उमड़े और प्रसाद - को आशीर्वाद स्वरूप ग्रहण किया। मंदिर में भोग अर्पण के साथ ही भक्तों की आस्था चरम पर दिखाई दी।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार