गोवर्धन और वृंदावन में सूर्यास्त के साथ परिक्रमा को निकलते हैं भक्त

 


मथुरा, 21 मई (हि.स.)। अधिक मास हो, भक्त गोवर्धन में गिरिराज महाराज की सात कोस और वृंदावन में पांच कोस की परिक्रमा न लगाएं, ऐसा हो नहीं हो सकता। इस समय दिन छिपने के साथ दो जगहों के परिक्रमा मार्ग में भक्तों के कदम आगे बढ़ते नजर आते है। वजह दिन में तो भगवान भास्कर के तल्ख तेवरों से आसमान से आग बरसती है और नीचे धरती गर्म रहती है।

सूर्यास्त से लेकर सूर्य उदय तक परिक्रमा मार्ग में राधे-राधे और गिरिराज महाराज की गूंज गुंजायमान सुनाई देती है। वृंदावन स्थित ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर, श्रीराधावल्लभ मंदिर, निधिवन राज मंदिर, सेवाकुंज मंदिर, श्रीराधारमण मंदिर, राधादामोदर मंदिर, राधा श्याम सुंदर मंदिर, निधिवन, प्रेम मंदिर और इस्कॉन आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। हाथ में माला झोली लिए भक्त राधा नाम का मन ही मन उच्चारण करते हुए आगे कदम बढ़ाते हुए चलते दिखाई देते हैं। वह रास्ते में पड़ने वाली यमुना महारानी को भी प्रणाम करते हैं। जिला प्रशासन की ओर से परिक्रमा मार्ग पर बालू डलवाई गई है, लेकिन नियमित पानी का छिड़काव न होने से यह तेज हवा में उड़कर परेशानी का सबब बनी हुई है। अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक ने बताया कि बालू पर समय-समय पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।

परिक्रमा मार्ग पर वाहनों को आवाजाही से श्रद्धालु परेशान नजर आ रहे हैं। दंडौती परिक्रमा देने वालों को भय रहता है कि कहीं वह किसी वाहन की चपेट न आ जाएं। भक्तों ने परिक्रमा मार्ग में वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। दूसरी ओर गोवर्धन में गिरिराज महाराज की परिक्रमा लगाने वाले भी दिन छिपने के साथ पहुंच रहे हैं। वह रात्रि में परिक्रमा पूरी कर दानघाटी और मानसी गंगा मुखारविंद पर गिरिराज महाराज के दर्शन करते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार