हावर्ड यूनिवर्सिटी पहुंचे देवकीनंदन महाराज, सनातन संवाद काे किया संबाेधित

 




मथुरा, 20 अगस्त(हि.स.)। विश्वभर में प्रसिद्ध यूएसए की हावर्ड यूनिवर्सिटी में सनातन धर्म और आध्यात्म का आधुनिक जीवन में प्रयोग एवं उपयोगिता पर चर्चा की गयी। वृन्दावन के प्रसिद्ध धर्मगुरू-कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने बोस्टन की हावर्ड यूनिवर्सिटी में ‘सनातन धर्म और आधुनिक जीवन’ पर विशेष संवाद कार्यक्रम में सम्बोधन दिया। कार्यक्रम में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कम्युनिटी के साथ अलग-अलग सांस्कृतिक और व्यक्तिगत बैकग्राउंड वाले छात्र, पोस्टडॉक्टरल रिसर्चर, फैकल्टी आदि शामिल हुए।

वृन्दावन से सनातन धर्म प्रचार पर यूएसए गये देवकीनंदन महाराज बोस्टन में कथा से पूर्व हावर्ड यूनीवर्सिटी पहुँचे। यहाँ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी कम्युनिटी ने देवकीनंदन महाराज का स्वागत किया। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिक डॉ. अर्जुनवीर शर्मा ने ‘ज्ञान, मूल्य और जीवन’ विषय पर आयोजित सवांद कार्यक्रम को होस्ट किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने आध्यात्म के साथ ही एकेडमिक और प्रोफेशनल जीवन से जुड़े अहम सवालों पर देवकीनंदन महाराज से विचार जाने। कार्यक्रम में श्रोताओं ने प्रश्न रखे कि सफलता पाने की कोशिश करते हुए हम अपने मूल्यों से कैसे जुड़े रह सकते हैं? दबाव, महत्वाकांक्षा और अनिश्चितता के बीच हम संतुलन कैसे बनाएं? और ज्ञान और समझ हमें न केवल सफल प्रोफेशनल, बल्कि बेहतर इंसान बनने में कैसे मदद कर सकते हैं?

देवकीनंदन महाराज ने विचार रखते हुये समाधान प्रस्तुत किया। उन्होने आध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक व दार्शनिक ज्ञान पर आधारित विचार साझा किए। उन्होंने इन विचारों को व्यक्तिगत विकास, प्रोफेशनल जिम्मेदारियों और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े आज के सवालों से जोड़ा।

देवकीनंदन महाराज के साथ गये विश्व शांति सेवा चौरीटेबल ट्रस्ट, सचिव विजय शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम को पारंपरिक लेक्चर के बजाय एक खुली और इंटरैक्टिव बातचीत के तौर पर आयोजित किया गया था। चर्चा में मूल्यों, मकसद, भलाई, रिश्तों, आंतरिक संतुलन और आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने जैसे विषयों पर बात हुई। श्रोताओं को सम्बोधित करते हुये देवकीनंदन महाराज ने कहा कि अध्यात्म का अर्थ केवल मंदिर जाकर पूजा करना नहीं है अपितु अपने व्यवहार में सदाचार और सत्य को आत्मसात करना है। उन्हाेंने कहा कि सनातन धर्म में प्रत्येक प्रश्न का समाधान है। आध्यात्म ही व्यक्ति को अन्तःकरण से शक्तिशाली करके एक बेहतर नागरिक बनाता है। आधुनिक युग में धर्मानुसार आचरण करके जीवन को शांतिपूर्ण और उद्देश्य पूर्ण बनाया जा सकता है।

गौरतलब है कि वृन्दावन से देवकीनंदन महाराज इस समय सनातन धर्म प्रचार के लिये दो माह के लिये यूएसए यात्रा पर हैं। इस दौरान वे बोस्टन, कैलीफार्निया, न्यू जर्सी, कनाडा, ब्रहम्टन, एडमंटन आदि स्थानों पर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति पर प्रवचन करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार