देवरिया : छोटी गंडक नदी में मत्स्य बीज संचय, मछुआरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल

 




देवरिया, 24 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के रिवर रैचिंग कार्यक्रम के तहत छोटी गंडक नदी में मत्स्य संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भारतीय मेजर कार्प प्रजाति की मछलियों के बीज का संचय किया गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एवं वित्तपोषित ‘रिवर रैचिंग कार्यक्रम 2026–27’ के अंतर्गत आज अपनी विधानसभा क्षेत्र पथरदेवा के पैतृक ग्राम सोनहुला रामनगर में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर छोटी गंडक नदी में लगभग एक लाख मछली के बच्चों को छोड़ा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि नदियों को स्वच्छ और संरक्षित रखना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। नदियों में मत्स्य बीज संचय से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही मत्स्य संपदा बढ़ने से स्थानीय मछुआरों और अन्य लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि लोग नदियों से मछलियों का शिकार तो करते हैं, लेकिन मत्स्य संपदा को बनाए रखने के लिए बीज संचय पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते। इसी आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार रिवर रैचिंग कार्यक्रम चला रही है। इसका उद्देश्य नदियों में मछलियों की उपलब्धता बढ़ाना और जलीय संसाधनों का संरक्षण करना है।

मंत्री ने स्थानीय नागरिकों और मछुआरा समुदाय से अपील की कि छोटी मछलियों का शिकार न करें, ताकि उन्हें प्राकृतिक रूप से बढ़ने और प्रजनन करने का पर्याप्त अवसर मिल सके। उन्होंने लोगों से नदियों को स्वच्छ रखने और जलीय जीवों के संरक्षण में सहयोग करने का आह्वान किया।

उप निदेशक मत्स्य ने बताया कि मानवीय गतिविधियों के बढ़ने से नदियों में प्रदूषण बढ़ा है और मत्स्य संपदा में कमी आई है। इसे ध्यान में रखते हुए मत्स्य विभाग पिछले चार वर्षों से प्रतिवर्ष रिवर रैचिंग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इससे जलीय पारिस्थितिकी में सुधार के साथ मछुआरों की आजीविका को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पथरदेवा के ब्लॉक प्रमुख सुव्रत शाही, तरकुलवा के ब्लॉक प्रमुख, हेतिमपुर नगर पंचायत अध्यक्ष, गोरखपुर के उप निदेशक मत्स्य बृजेश कुमार और देवरिया के मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेवती रमण चौधरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नदी की मत्स्य संपदा के संरक्षण तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में जनसहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक