देवरिया : खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही सरयू,परसिया देवार में कटान जारी
देवरिया, 09 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में बरहज क्षेत्र अंतर्गत सरयू और राप्ती नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हालांकि सरयू नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे से स्थिर है, लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर 66.90 मीटर पर रविवार को बह रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे और नदी पार के गांवों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भदिला प्रथम गांव के ग्रामीणों के आवागमन के लिए तहसील प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था की गई है। तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो और नावें लगाई जा रही हैं। इसके बाद कुल चार नावें उपलब्ध रहेंगी। बरहज के थाना घाट पर बने मापक के अनुसार सरयू का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है।
उधर, परसिया देवार की ओर नदी का कटान लगातार जारी है। कटान के चलते कृषि भूमि नदी में समाहित हो रही है। इससे किसानों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में उनकी और जमीन नदी की धारा में समां सकती हैं।
मईल, भागलपुर, देवसिया, पैना खादर और रामजानकी मार्ग के साथ ही बरहज-कपरवार मार्ग के बीच बेलड़ाड़ के पास पुलिया से होकर बाढ़ का पानी परसिया तिवारी गांव की तरफ पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों के आवागमन पर भी असर पड़ा है।
परसिया देवार से आने-जाने वाले लोगों के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है। बरहज से आने-जाने वाले ग्रामीण भी नावों के जरिए नदी पार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से नावों का संचालन सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मोहन सेतु का निर्माण पिछले 12 वर्षों से अधूरा पड़ा है। पुल का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरी में नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। बाढ़ के समय यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
तहसीलदार अरुण कुमार ने बताया कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है। जलस्तर और कटान की लगातार निगरानी की जा रही है तथा जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक