देवरिया :संत विनोबा भावे की जयंती पर उनके विचारों को किया गया याद
देवरिया, 11 सितंबर (हि.स.)। जनपद के संत विनोबा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को संत विनोबा भावे की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम के पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अर्जुन मिश्र एवं शिक्षकों ने विनोबा भावे की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. अर्जुन मिश्र ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपने सपनों को साकार करने के लिए विनोबा भावे को चुना था। विनोबा भावे गांधीवादी विचारों को सर्वोदय समाज के निर्माण का सच्चा माध्यम मानते थे। वे सामाजिक परिवर्तन के लिए अहिंसात्मक क्रांति के पक्षधर थे।
उन्होंने ग्रामदान आंदोलन के माध्यम से गांधी के विचारों को आगे बढ़ाया। प्रेम, संवाद, त्याग और स्वैच्छिक सहयोग को उन्होंने सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं के समाधान का आधार बनाया।
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. भूपेश मणि ने कहा कि विनोबा भावे ने महात्मा गांधी के सपनों को आत्मसात किया और उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बने। सर्वोदय और भूदान आंदोलन के माध्यम से उन्होंने समाज में नई चेतना पैदा की और इतिहास में अमिट स्थान बनाया।
भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार ने कहा कि विनोबा भावे ने लोगों से अपनी जमीन का कुछ हिस्सा दान करने का आग्रह किया, ताकि उसे जरूरतमंद लोगों में वितरित किया जा सके। भूदान आंदोलन उनके सामाजिक सरोकार और समानता की भावना का प्रतीक था।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंतोष मौर्य ने किया।
इस अवसर पर प्रो. वाचस्पति द्विवेदी, डॉ. विवेक मिश्र, डॉ. चंद्रेश बारी, डॉ. तूलिका पांडेय, डॉ. उमेश दूबे, डॉ. अवनीश राव, डॉ. प्रियंका, डॉ. विद्यावती, डॉ. राजकुमार गुप्ता, डॉ. शगुफ्ता, डॉ. दीप्ति, डॉ. ऋचा मिश्रा, डॉ. कृष्ण मुरारी गुप्ता, डॉ. निखिल गौतम, डॉ. पुनीत सिंह, डॉ. अभिनव चौबे, अनिल यादव, विजय चौधरी सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक