दीपक भगत के नेत्रों से रोशन होगी दो नेत्रहीनों की दुनिया : मनोज सेंगर
कानपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। मृत्यु के बाद भी दूसरों की जिंदगी में रोशनी लाने से बड़ा कोई दान नहीं है। आगरा के दीपक भगत ने अपने नेत्रदान से दो नेत्रहीन लोगों के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बने हैं।
यह जानकारी गुरुवार को युग दधीचि नेत्रदान महायज्ञ के अभियान प्रमुख मनोज सेंगर ने दी। आगरा निवासी व्यवसायी दीपक भगत (57) का बुधवार मध्यरात्रि गोविंद नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल में निधन हो गया। वह अपनी बहन के घर आए हुए थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन के बाद परिजनों ने नेत्रदान कराने का निर्णय लिया।
दीपक के जीजा संजय दुआ ने रात 12 बजे नेत्रदान अभियान प्रमुख मनोज सेंगर से संपर्क कर नेत्रदान कराने का आग्रह किया। इसके बाद सेंगर ने मेडिकल कॉलेज की नेत्र प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन से संपर्क किया। उनकी टीम ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई। डॉ. शालिनी मोहन ने बताया कि प्राप्त दोनों कॉर्निया जरूरतमंद नेत्रहीन लोगों को निःशुल्क प्रत्यारोपित की जाएंगी। नेत्रदान के दौरान दीपक भगत के जीजा संजय दुआ, अनिल नाकरा और बहन मीनाक्षी व अंजलि मौजूद रहीं।------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप