कम बजट में भी अच्छी कहानी के दम पर दर्शकों तक पहुंच बनाई जा सकती है : रोहित राजावत
कानपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। फिल्म निर्माण के लिए बड़े बजट से अधिक मजबूत कहानी, मेहनत और जुनून जरूरी है। छोटे शहरों से आने वाले फिल्म निर्माता भी सीमित संसाधनों में बेहतर कंटेंट तैयार कर दर्शकों तक पहुंच बना सकते हैं। यह बातें मंगलवार को कानपुर निवासी और फिल्म निर्माता रोहित राजावत ने शहर में फिल्म ‘डियर हसबैंड’ का ट्रेलर जारी करने के दौरान कही।
कार्यक्रम के दौरान फिल्म के अभिनेता बिश्वजीत मैती, अभिनेत्री पूर्णिमा शर्मा और निर्देशक धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। फिल्म दो अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसके बाद महाराष्ट्र और बिहार में भी प्रदर्शन की तैयारी है। निर्माता ने बताया कि फिल्म की कहानी पति-पत्नी के रिश्ते और बदलती सामाजिक सोच के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें वैवाहिक रिश्तों से जुड़े गंभीर विषयों और पति को नुकसान पहुंचाने अथवा उसकी हत्या की साजिश जैसी घटनाओं पर कटाक्ष किया गया है।
उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि रिश्तों से जुड़े विषयों को मनोरंजन के माध्यम से सामने रखना है। रोहित राजावत ने बताया कि कानपुर से उनके जुड़ाव के कारण फिल्म के कई किरदार और प्रसंग शहर से जुड़े हैं। फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई है। गोंडा के मनकापुर और टिकरी के जंगलों में भी कई दृश्य फिल्माए गए हैं। फिल्म में काम करने वाले कई कलाकार और तकनीकी सदस्य भी उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं।
उन्होंने बताया कि अब वह करीब 12 वर्षों तक टेलीविजन और फिल्म क्षेत्र में काम किया। वह ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘सीआईडी’ जैसे कार्यक्रमों से जुड़े रहे। वर्ष 2022 में उन्होंने वेब सीरीज ‘निशाचर’ का निर्माण किया। इसके बाद करीब तीन वर्ष के प्रयासों से ‘डियर हसबैंड’ को बड़े पर्दे तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बिना किसी गॉडफादर के अपनी टीम के साथ फिल्म तैयार की है। फिल्म सीमित बजट में बनाई गई है और उनका प्रयास नए फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित करना है।
अभिनेत्री पूर्णिमा शर्मा ने बताया कि वह ‘गुलाबो सिताबो’, ‘सिया’, ‘किलर अरेंज मैरिज’ और ‘भूल चूक माफ’ में काम कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि ‘डियर हसबैंड’ की शूटिंग करीब दो वर्ष पहले पूरी हो गई थी। उनके अनुसार आज दर्शक कहानी और कंटेंट को अधिक महत्व दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी कहानी होने पर कम बजट की फिल्म भी दर्शकों तक पहुंच सकती है। टीम ने उत्तर प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए उपलब्ध सुविधाओं को भी उपयोगी बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप