मां कल्याणी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का श्रृंगार दर्शन कर भक्तों ने लगाए माता के जयकारे

 


--भक्तों ने शतचंडी महायज्ञ पूजन हवन एवं यज्ञशाला की परिक्रमा कर अपने बच्चों का कर्णछेदन एवं मुंडन कराए

--श्रीराम कथा से मिलती है जीवन जीने की संजीवनी: डॉ अनिरुद्ध महाराज

प्रयागराज, 20 मार्च (हि.स)। मां कल्याणी देवी मंदिर धाम में चल रहे नवरात्रि महोत्सव के द्वितीय दिवस शुक्रवार को प्रातःकाल 05 बजे मां कल्याणी का महामंत्री श्यामजी पाठक ने विधि विधान पूर्वक मंगला आरती की। तत्पश्चात मंदिर प्रांगण में आए भारी संख्या में भक्त शतचंडी महायज्ञ में शामिल हुए और पूजन हवन कर यज्ञशाला की परिक्रमा कर अपने बच्चों को कर्णछेदन एवं मुंडन कराया।

मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि शाम 06 बजे से रात्रि तक मां कल्याणी देवी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप का श्रृंगार दर्शन प्राप्त कर मां के जयकारे लगाए। इस अवसर पर मां कल्याणी देवी मंदिर धाम के अध्यक्ष पंडित सुशील कुमार पाठक ने शाम को मां की महाआरती और शयन आरती की।

उन्होंने बताया कि नवरात्रि के तृतीय दिवस शनिवार को मां कल्याणी का श्रृंगार चंद्रघंटा स्वरुप में किया जाएगा। जिसमें मां सिंह पर आरूढ़ होगी और उनकी दस भुजाएं रहेंगी और सभी हाथों में अस्त्र शस्त्र और चंद्राकृत घंटाधारण कर जड़ाऊ आभूषणों एवं बेला, गुलाब पुष्पों से सुसज्जित रहेगी। गर्भ गृह की साज सज्जा गेंदा रजनीगंधा के पुष्पों के द्वारा किए जाएंगे।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस अवसर पर मां कल्याणी देवी मंदिर के अंतर्गत श्री नवसंवत्सर मानस समिति द्वारा आयोजित किए जा रहे श्री राम कथा के द्वितीय दिवस पर कथा का व्याख्यान करते हुए कथा वाचक डॉक्टर अनिरुद्ध महाराज ने कहा कि मनुष्य को राम कथा से मिलती है जीवन जीने की संजीवनी। उन्होंने अंगद एवं रावण के संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि जिसको अपने आराध्य पर श्रद्धा और विश्वास होता है उसकी सदा विजय होती है और यही कारण है अंगद रावण की सभा में निर्भीक होकर खड़े थे और श्री राम की कृपा से बड़े-बड़े राक्षस और निशाचर भी उनका पैर उठा नहीं पाए।

कथा का संचालन प्रवक्ता पंडित ओंकारनाथ त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक पंडित उदय भान करवरिया, महापौर गणेश केसरवानी, पंडित अनिल पाठक, कृष्ण कुमार पाठक, सुबोध खन्ना, बाबू त्रिपाठी व राजेश केसरवानी ने हजारों भक्तों के साथ आरती की और कथा का श्रवण किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र