साइबर अपराध से मानसिक स्वास्थ्य पर खतरा : प्रो. राकेश कुमार सिंह
जौनपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शनिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर डिजिटल युग में साइबर अपराधों के मनोवैज्ञानिक प्रभाव, रोकथाम, जागरूकता एवं सहायता विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के सभागार में व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग, वेलनेस सेंटर एवं साइबर क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में साइबर अपराधों और ऑनलाइन उत्पीड़न के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनका लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। डिजिटल दुनिया में किसी परिचित चेहरे या जानी-पहचानी आवाज पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। साइबर अपराधी विद्यार्थियों की फीस से लेकर बुजुर्गों की जीवनभर की कमाई तक ठग रहे हैं। जागरूकता ही इन अपराधों से बचाव का प्रभावी माध्यम है।
मुख्य अतिथि एवं साइबर अपराध विशेषज्ञ डॉ. अनूप गिरधर ने कहा कि साइबर ठगी, ऑनलाइन उत्पीड़न और भ्रामक सूचनाओं के कारण लोग तनाव, डर और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। डिजिटल माध्यमों पर भ्रामक वीडियो और सूचनाएं लोगों की सोचने-समझने तथा सही-गलत का निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसे उन्होंने ‘ब्रेन हैकिंग’ की संज्ञा दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी संदेश या वीडियो को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने और डेटा सुरक्षा के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने विषय प्रवर्तन किया। आयोजन सचिव डॉ. अन्नू त्यागी ने साइबर अपराध एवं काउंसलिंग पर विचार रखे। डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव के निर्देशन में विद्यार्थियों ने नाटक प्रस्तुत कर जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव