साइबर सुरक्षित भारत की दिशा में बड़ा कदम, सेना के जवानों के लिए शुरू हुआ ‘साइबर सुरक्षा अभियान’ : प्रो. सोमित्र सनाध्य
कानपुर, 01 जून (हि.स.)। सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों को व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल प्रदान कर उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। बढ़ते साइबर खतरों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के बीच जागरूकता और प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। अकादमिक संस्थानों, उद्योग जगत और सशस्त्र बलों के सहयोग से साइबर सुरक्षित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। भविष्य में इस अभियान के जरिए एक हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना है। यह बातें सोमवार सी3आईहब, आईआईटी कानपुर के प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. सोमित्र सनाध्य ने कहीं।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र सी3आईहब ने रियलमी इंडिया के सहयोग से “साइबर सुरक्षा अभियान” का पहला बैच शुरू किया है। इसके तहत दो दिवसीय साइबर सुरक्षा और साइबर डिफेंस कार्यशाला का आयोजन सी3आईहब परिसर में किया गया। कार्यशाला में कानपुर ब्रिगेड स्टेशन और कानपुर छावनी से भारतीय सेना के 47 अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) और जवानों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य सेना के जवानों में साइबर जागरूकता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को साइबर खतरों की पहचान, उनसे बचाव और साइबर घटनाओं पर प्रभावी प्रतिक्रिया देने के तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में व्यावहारिक प्रदर्शन, संवादात्मक सत्र और आधुनिक साइबर सुरक्षा तकनीकों पर प्रशिक्षण भी शामिल रहा।
कार्यशाला में साइबर स्वच्छता, डिजिटल खतरों की पहचान, साइबर अपराध के नए रुझान, सुरक्षित डिजिटल उपयोग, साइबर घटना प्रबंधन तथा उभरते साइबर जोखिम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम रक्षा बलों के साथ-साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी विभागों के कर्मचारियों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर सी3आईहब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल बिनय राज, डॉ. तनिमा हाजरा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. आनंद हांडा, मुख्य तकनीकी अधिकारी डॉ. रास, डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर डॉ. पल्लवी, डिप्टी मैनेजर आदित्य सिंह गौर और राहुल शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए निरंतर साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
सी3आईहब ने बताया कि यह पहल आईआईटी कानपुर की अनुसंधान क्षमता, रियलमी इंडिया के औद्योगिक सहयोग और भारतीय रक्षा बलों के अनुभव का संयुक्त प्रयास है। उत्तर प्रदेश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी विभागों के एक हजार से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया यह अभियान जमीनी स्तर पर साइबर जागरूकता और व्यावहारिक साइबर सुरक्षा कौशल को बढ़ावा देकर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप