डिजिटल सुरक्षा पर मंथन, हैक आईआईटीके फिनाले शुरू : बिनोद सिंह
कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। आईआईटी कानपुर में हैक आईआईटीके 2026 का ग्रैंड फिनाले शुरू हो गया है, जिसमें देश भर से आए युवा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डिजिटल खतरों के समाधान पर काम कर रहे हैं और स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी दौरान सी-थ्री-आई-हब ने अपना स्वदेशी लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) भी लॉन्च किया, जो डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। डिजिटल युग में स्वदेशी और सुरक्षित तकनीक ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह बातें गुरुवार को उत्तर प्रदेश साइबर क्राइम महानिदेशक बिनोद कुमार सिंह ने कही।
सी-थ्री-आई-हब' द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय राष्ट्रीय हैकाथॉन साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान कर रहा है। उद्घाटन सत्र में सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत के विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए देश के डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नेटवर्क सुरक्षा, कूटलेखन, हार्डवेयर सुरक्षा, आईओटी सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और साइबर अपराध जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। हैकाथॉन में समाधान ट्रैक और कैप्चर द फ्लैग (सीटीएफ) के जरिए प्रतिभागियों को वास्तविक चुनौतियों के समाधान खोजने का अवसर मिल रहा है।
उद्घाटन के बाद “सुरक्षित-डिज़ाइन आधारित नवाचार की आवश्यकता” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें विशेषज्ञों ने तकनीक के विकास के साथ ही सुरक्षा को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
दोपहर बाद प्रतियोगिता शुरू हुई, जहां फाइनलिस्ट ने अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए, वहीं सीटीएफ मुकाबले में प्रतिभागी वास्तविक समय की साइबर चुनौतियों का सामना करते नजर आए।
इस दौरान सी-थ्री-आई-हब' ने अपना स्वदेशी एलएमएस प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। जिसमें व्यक्तिगत डैशबोर्ड, वास्तविक समय विश्लेषण और एकीकृत संचार जैसे फीचर्स शामिल हैं। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण के साथ होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप