विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को निखारती हैं सांस्कृतिक गतिविधियां : डॉ. वंदना पाठक
कानपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। यह बातें रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित ‘कलारंभ 2026-27’ कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. वंदना पाठक ने कहीं।
विश्वविद्यालय में स्वामी हरिदास संगीत एवं नाट्य अकादमी की ओर से स्टूडेंट काउंसिल के सहयोग से ‘कलारंभ 2026-27’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य और रंगमंच की प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम स्थल पर कला और संस्कृति का रंग देखने को मिला।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कला, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा। नृत्य और थिएटर की विभिन्न प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों की ऊर्जा और आत्मविश्वास ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. वंदना पाठक ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर देते हैं।
कार्यक्रम में रागिनी, डॉ. मीत कमल, प्रशांत, सरिता, विनम्रता और डॉ. एसी पांडेय सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में स्वामी हरिदास संगीत एवं नाट्य अकादमी के निदेशक डॉ. राकुमार त्रिपाठी और अकादमी के समन्वयक अमित तिवारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
‘कलारंभ 2026-27’ के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने के साथ अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला। नृत्य और रंगमंच की प्रस्तुतियों से सजे कार्यक्रम ने विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा दी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप