मिशन एडमिशन 2026-27 : छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की ज्योतिष शिक्षा से बन रहे स्वरोजगार के अवसर

 


कानपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर द्वारा ज्योतिष शिक्षा को रोजगार से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र-छात्राएं अपना परामर्श केंद्र स्थापित कर रहे हैं। महिलाओं और सेवानिवृत्त लोगों की बढ़ती भागीदारी इसकी उपयोगिता को दर्शाती है। भारतीय प्राच्य विद्या को बढ़ावा देने के लिए पाठ्यक्रम प्रभावी साबित हो रहे हैं। यह क्षेत्र युवाओं के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है।

यह बातें मंगलवार को निदेशक प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने कही। उन्होंने बताया कि छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर स्थित दीनदयाल शोध केंद्र में मिशन एडमिशन 2026-27 के तहत ज्योतिष और प्राच्य विद्या से जुड़े कोर्सों को लेकर विद्यार्थियों में रुचि बढ़ रही है। यहां संचालित एम.ए. ज्योतिर्विज्ञान में छात्रों को कालगणना, कुंडली निर्माण, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और फलादेश का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है।

केंद्र से जुड़े आचार्य स्वयंप्रकाश अवस्थी के अनुसार कोर्स पूरा करने के बाद कई विद्यार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन ज्योतिष परामर्श केंद्र शुरू कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। यही वजह है कि इस कोर्स में युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और सेवानिवृत्त लोग भी बड़ी संख्या में प्रवेश ले रहे हैं।

दीनदयाल शोध केंद्र में ज्योतिर्विज्ञान के अलावा पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र और कर्मकांड के कोर्स भी संचालित हो रहे हैं। सहायक निदेशक डॉ. दिवाकर अवस्थी के अनुसार ये सभी पाठ्यक्रम स्वरोजगार आधारित हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी ज्योतिषाचार्य, वास्तु विशेषज्ञ या पुरोहित के रूप में अपना काम शुरू कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एम.ए. ज्योतिर्विज्ञान दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें 50 सीटें हैं और स्नातक में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। पीजी डिप्लोमा इन वास्तुशास्त्र एक वर्षीय कोर्स है, इसमें 30 सीटें हैं और प्रवेश के लिए स्नातक में 45 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। पीजी डिप्लोमा इन कर्मकांड भी एक वर्ष का कोर्स है, जिसमें 50 सीटें निर्धारित हैं और इंटरमीडिएट में 45 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। इस पहल के जरिए केंद्र पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक रोजगार से जोड़ने का काम कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप