उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ सतत संवाद ही शैक्षणिक गुणवत्ता को करेगा सुदृढ़ : कुलपति

 


कानपुर, 09 अप्रैल (हि.स.)। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) कानपुर में आयोजित दो दिवसीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यशाला का सफल समापन गुरुवार काे हुआ। कार्यक्रम में संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों व प्राचार्यों ने भाग लेते हुए एआई के शैक्षणिक उपयोग को लेकर सक्रिय सहभागिता दिखाई। कार्यशाला के माध्यम से उच्च शिक्षा में एआई के प्रभावी समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। इस दाैरान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ सतत संवाद ही शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करेगा।

कैंपस एआई प्रमोशन पहल के अंतर्गत एडुबडी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। दूसरे दिन एआई की अवधारणाओं को व्यवहारिक रणनीतियों में बदलने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें एआई उपयोग के क्षेत्रों की पहचान, प्रणालियों की कार्यप्रणाली और सुरक्षित उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।

समूह चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने संस्थानों के लिए एआई कार्यान्वयन की प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की। इन सत्रों ने शिक्षण, प्रशासन और छात्र सहायता प्रणालियों में एआई के उपयोग को लेकर व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित किया।

समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह आयोजन विश्वविद्यालय के तकनीक-सक्षम और भविष्य उन्मुख शैक्षणिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप