जनगणना-2027 के की तैयारियां समय से पूरी करें अधिकारी : मुख्य सचिव
लखनऊ, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय जनगणना समिति की बैठक आयोजित कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करें तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों के साथ जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों के संबंध में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आंकड़ों का उपयोग भविष्य में विभिन्न योजनाओं के निर्माण, संचालन एवं क्रियान्वयन में किया जाएगा। अतः जनगणना के द्वितीय चरण में आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता एवं गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी घर छूटने न पाए तथा जनगणना का कार्य केवल प्रशिक्षित कार्मिकों से ही कराया जाए। एन्यूमरेशन ब्लॉकों की संख्या के अनुरूप एन्यूमरेटर की तैनाती सुनिश्चित की जाए और 10 प्रतिशत अतिरिक्त कार्मिकों को रिजर्व में रखकर उनका भी प्रशिक्षण कराया जाए। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं, ताकि फील्ड स्तर पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
प्रशिक्षण एवं तैयारियों की समयसीमा निर्धारित करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 20 अक्टूबर से पूर्व तथा एन्यूमरेटरों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण अधिकतम 14 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। विशेष प्रभारों के लिए प्रशिक्षण 16 से 28 नवंबर के बीच आयोजित किया जाए।
मुख्य सचिव ने स्वगणना को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर जनगणना के प्रति जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाएं।
बैठक में उत्तर प्रदेश में जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण विभाग की निदेशक शीतल वर्मा ने जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों, कार्यप्रणाली एवं निर्धारित समयसीमा के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने जनगणना की विभिन्न प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में जनसंख्या की गणना का फील्ड कार्य 01 दिसंबर, 2026 से 04 जनवरी, 2027 तक किया जाना है। इससे पूर्व 16 नवंबर से 30 नवंबर, 2026 तक प्रदेश के निवासियों के लिए स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं तथा अपने परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा ।
जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत आमजन या सामान्य निवासी से किसी प्रकार का दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की मांग नहीं की जाएगी। आमजन जनगणना कर्मियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक जानकारी प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभार के लिए एचएलओ (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) के आधारभूत जनसंख्या आंकड़ों की सूची व्यवस्थित रूप से तैयार रखी जाए तथा पीई (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) की जनसंख्या का आकलन एचएलओ जनसंख्या के आधारभूत आंकड़ों से कम न हो। सभी प्रभारों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया जाए तथा प्रत्येक तहसील में राजस्व ग्रामों का क्रम भी इसी प्रकार सुनिश्चित किया जाए, जिससे अभिलेखों के रखरखाव, निगरानी एवं कार्य निष्पादन में सुविधा रहे।
बैठक का संचालन सचिव सामान्य प्रशासन अभिषेक प्रकाश ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन एस.वी.एस. रंगाराव. सचिव, माध्यमिक शिक्षा किंजल सिंह, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन