कानपुर में शुक्रवार से सजेगा 22 राज्यों की हस्तकलाओं का संगम

 


कानपुर, 22 अक्टूबर (हि.स.)। कानपुर में 23 अक्टूबर से आयोजित होने वाली क्राफ्ट्सरूट्स प्रदर्शनी में 22 राज्यों के 90 से अधिक शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शनी में पारंपरिक हस्तशिल्प के 90 से अधिक प्रकार के उत्पाद देखने को मिलेंगे। यह जानकारी गुरुवार को क्राफ्ट्सरूट्स की संस्थापक अनारबेन पटेल ने प्रेसवार्ता में दी।

कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। आयोजन का उद्देश्य देश की पारंपरिक कलाओं और हस्तशिल्प को मंच उपलब्ध कराने के साथ शिल्पकारों को बाजार से जोड़ना है। प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय शिल्प परंपराओं और हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।

क्राफ्ट्सरूट्स संस्था की स्थापना 1995 में महिलाओं के सशक्तीकरण और उत्थान के उद्देश्य से की गई थी। संस्था महिलाओं के हुनर को हस्तकला से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। संस्था के अनुसार, अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की 77 हजार महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दिया गया है।

संस्था भारत के विभिन्न शहरों के अलावा दुबई और सिंगापुर में भी 94 प्रदर्शनियां आयोजित कर चुकी है। इन आयोजनों के जरिए भारतीय हस्तशिल्प को नए बाजारों तक पहुंचाने और पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने का प्रयास किया गया है।

प्रदर्शनी में शिल्पकार अपनी कला का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी करेंगे। मध्य प्रदेश के अहमद हुसैन खत्री बाघ प्रिंट, छत्तीसगढ़ के हर्ष राज ब्रेथ कोसा सिल्क और उत्तर प्रदेश के महेश कुमार कांच कला का प्रदर्शन करेंगे। इससे लोगों को इन कलाओं की निर्माण प्रक्रिया और पारंपरिक तकनीकों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

ग्रामश्री की ट्रस्टी लीना रावल के अनुसार, यह पहल देशभर के 35 हजार से अधिक कारीगरों से जुड़ी है। इसका उद्देश्य कारीगरों की आजीविका मजबूत करने और पारंपरिक कलाओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है। प्रेसवार्ता में विभिन्न राज्यों के शिल्पकार भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप