गौ-सेवा ही परम धर्म : जिला पंचायत अध्यक्ष ने पशु संरक्षण का दिया संदेश

 


मथुरा, 16 अप्रैल(हि.स.)। ब्रज की पावन धरा पर गौ-सेवा की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष एवं के.एम. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने गुरुवार समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित गौशाला में उन्होंने गौ-वंश की सेवा कर आमजन को पशु संरक्षण के प्रति जागरूक किया। गौशाला भ्रमण के दौरान विवि के कुलाधिपति किशन चौधरी एक अलग ही भावनात्मक रूप में नजर आए। उन्होंने गौशाला में जन्मे एक नन्हे बछड़े को अपनी गोद में उठाकर काफी देर तक दुलार किया। इसके साथ ही उन्होंने सभी गौ-माताओं को अपने हाथों से गुड़ और चना खिलाया। उनकी इस आत्मीयता ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। अपनी माटी और संस्कृति से गहरा जुड़ाव रखने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष के बारे में यह सर्वविदित है कि उनकी दैनिक दिनचर्या की शुरुआत ही गौ-सेवा से होती है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा “हमारी संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और माना जाता है कि इसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गौ-सेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता और करुणा का प्रतीक है। जो व्यक्ति नि:स्वार्थ भाव से गाय की सेवा करता है, उसे न केवल पुण्य मिलता है बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।“ गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, गौशाला के प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की गौशाला में गौ-वंश के लिए नियमित भोजन, शुद्ध जल और उचित देखभाल की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने साफ-सफाई और पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष जोर दिया ताकि किसी भी पशु को कोई कष्ट न हो। इस दौरान उन्होंने समाज के युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे भी अपने सामर्थ्य अनुसार गौ-सेवा और पशु संरक्षण के कार्यों में आगे आएं, जिससे समाज में सद्भाव और करुणा का विस्तार हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार