कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 23 पुलिसकर्मियों पर परिवाद, कोर्ट ने थानाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण

 


जौनपुर,07 अगस्त (हि.स.)। यूपी के जौनपुर जिले में खुटहन थाना क्षेत्र के चर्चित दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड के आरोपी रवि यादव की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। रवि यादव की मां अमरावती देवी की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने थाना खेतासराय से रिपोर्ट तलब की थी।

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान पुलिस का कोई अधिकारी उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर अगली तारीख पर स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी।

परिवादिनी सोंधी (खेतासराय) निवासी अमरावती देवी ने अपने अधिवक्ता समर बहादुर यादव के माध्यम से एसओजी प्रभारी, थाना खेतासराय के तत्कालीन प्रभारी, थाना लाइन बाजार के तत्कालीन प्रभारी सहित 23 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध परिवाद दायर किया है।

परिवाद में आरोप लगाया गया है कि एक मई 2026 को हुए आजाद बिंद हत्याकांड में रवि यादव को आरोपित बनाया गया था। बाद में वह दिल्ली चला गया, जहां से 23 मई को पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जौनपुर लाया गया। आरोप है कि 25 मई की रात गोरारी तिराहे के पास फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसकी हत्या कर दी गई।

परिवाद में यह भी कहा गया है कि पोस्टमार्टम में सीने में गोली लगने की पुष्टि हुई और घटना की निष्पक्ष जांच कराए बिना कथित मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि पहले पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद न्यायालय की शरण ली गई।

इस मामले में शुक्रवार को जानकारी देते हुए वादी पक्ष के अधिवक्ता समर बहादुर यादव ने बताया कि अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की थी। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों की अनुपस्थिति पर न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 14 अगस्त निर्धारित की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव