छात्रवृत्ति आवेदन से पहले आधार, बैंक खाता और दस्तावेजों की त्रुटियां सुधारें : जिलाधिकारी
कानपुर, 29 जुलाई (हि.स.)। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं शैक्षणिक संस्थानों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से योजना लागू करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि छात्रवृत्ति योजना गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के सपनों से जुड़ी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद के 1,06,523 विद्यार्थियों को लगभग 300 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई थी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खाते समय से खुलवाए जाएं तथा आधार और पैन लिंक होना अनिवार्य है। बैंक खाते की एनपीसीआई मैपिंग और खाता सक्रिय होना भी जरूरी है। साथ ही विद्यार्थियों से आवेदन से पहले आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की त्रुटि को ठीक कराने की अपील की गई।
डीएम ने स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति आवेदन के साथ पिता का आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। पिता के निधन की स्थिति में माता का तथा माता-पिता दोनों के न होने पर अभिभावक का आय प्रमाण पत्र लगाया जाएगा। किसी भी स्थिति में विद्यार्थी अपना स्वयं का आय प्रमाण पत्र आवेदन के साथ न लगाएं, अन्यथा आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा।
समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर ने बताया कि पूर्वदशम संस्थानों को पांच अगस्त और दशमोत्तर संस्थानों को 15 अगस्त तक मास्टर डाटा का सत्यापन पूरा करना होगा। पूर्वदशम योजना के नए आवेदन 11 अगस्त से 21 सितंबर तथा नवीनीकरण 11 अगस्त से 25 अगस्त तक होंगे। वहीं, दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के नए आवेदन 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तथा नवीनीकरण 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर, एडीआईओएस प्रशांत द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधि एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप