सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : जिलाधिकारी

 


कानपुर, 28 जुलाई (हि.स.)। सावन माह में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह बातें मंगलवार को जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेंद्र प्रताप सिंह ने परमट स्थित श्री आनंदेश्वर महादेव मंदिर के निरीक्षण के दौरान कहीं।

आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहे पावन श्रावण मास के मद्देनजर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह आनंदेश्वर महादेव मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग और आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ मंदिर के महंत एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान आनंदेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का समयबद्ध ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग कराने, प्रवेश और निकास मार्गों को स्पष्ट रखने तथा प्रमुख स्थानों पर बड़े साइन बोर्ड लगाकर पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर के महंत से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी सुधार कार्य तत्काल पूरा कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। नगर निगम को मंदिर परिसर और आसपास नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखने, समय पर कचरा उठाने तथा सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

उन्होंने केस्को अधिकारियों को सावन के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि विशेषकर रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य विभाग को मंदिर परिसर के निकट अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने, चिकित्सकीय टीम की तैनाती तथा आवश्यक दवाइयों और प्राथमिक उपचार सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही गंगा जल लेकर आने वाले कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग और अलग मार्ग की व्यवस्था करने को कहा, ताकि दर्शन और जलाभिषेक की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सावन के पूरे माह व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप