विश्वेश्वरैया के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें इंजीनियर : प्रो. भरत राज सिंह
लखनऊ, 15 सितंबर (हि.स.)। इंजीनियरों को भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के आदर्शों और कार्यों से प्रेरणा लेकर देश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उनके तकनीकी योगदान और दूरदर्शी सोच से सीख लेकर नई पीढ़ी को नवाचार और रचनात्मकता के साथ राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ना चाहिए। यह बातें मंगलवार को एसएमएस के महानिदेशक (तकनीकी) प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने 59वें इंजीनियर दिवस समारोह के दौरान कहीं।
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ में सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की 166वीं जयंती के अवसर पर 59वां इंजीनियर दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस दौरान सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी शरद सिंह ने इंजीनियरिंग संकाय के शिक्षकों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। डॉ. आशीष भटनागर ने शिक्षकों व छात्र-छात्राओं से विश्वेश्वरैया के कार्यों से प्रेरणा लेने की अपील की।
प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह ने विश्वेश्वरैया के अग्रणी कार्यों और देश के विकास में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से उनके नक्शेकदम पर चलकर देश के लिए सार्थक कार्य करने का आह्वान किया। सह-निदेशक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने भारत के महान इंजीनियरों के उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी देते हुए उनके योगदान को याद करने और उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। कार्यक्रम में इंजीनियर विजन समिति ने भी भाग लिया।
समारोह में प्रो. (डॉ.) पीके सिंह, डीन छात्र कल्याण, प्रो. (डॉ.) मोहम्मद हसन, डीन इंजीनियरिंग एवं प्रिंसिपल डिप्लोमा, डॉ. अमरजीत सिंह, विभागाध्यक्ष, डॉ. आशा कुलश्रेष्ठ, डॉ. कमलेश सिंह, डॉ. अजय सिंह, सुनीत मिश्रा, उमेश कुमार, डॉ. शोभना सिंह, डॉ. नियति गौर और श्रीमती सुजाता सिन्हा समेत शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुजाता सिन्हा ने किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के लिए ‘डेकाथान-आइडियाज’ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप