लखनऊ : पुलिस विभाग में तैनात आरक्षी सेवा से बर्खास्त

 


लखनऊ, 28 जून (हि.स.)। पुलिस कमिश्नरेट ने विभागीय अनुशासनहीनता और नियमों के लगातार उल्लंघन के दोषी पाए जाने पर आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

पुलिस कमिश्नरेट की ओर से रविवार को दी गई जानकारी में बताया गया कि आरक्षी सुनील ने बीते मई माह में एक वीडियो सोशल मीडिया में सार्वजनिक किया था, जिसमें ये आरोप लगाए थे कि पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर गार्ड कमांडरों तक रिश्वतखोरी की एक श्रृंखला सक्रिय है। अधिकारियों को 'काले अंग्रेज' बताते हुए पुलिसकर्मियों के शोषण के भी आरोप लगाए थे। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लेकर एक जांच समिति बनाई गई थी।

समिति ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला सहित सभी संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया। तथापि, आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके।

जांच में यह सिद्ध हुआ कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध न सिर्फ निराधार रूप से आरोप सार्वजनिक रूप से प्रसारित किए गये। अपितु विभाग की छवि को बिना साक्ष्य के धूमिल करने का प्रयास किया गया है। पुलिस बल में अनुशासनहीनता को बढ़ावा दिया, अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया तथा बिना अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग कर उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम का उल्लंघन किया। इस गंभीर दुराचार सिद्ध होने के फलस्वरूप आरक्षी सुनील कुमार शुक्ला को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया है। कार्रवाई होने के बाद बर्खास्त सिपाही ने कहा कि आज मुझे सच बोलने का इनाम मिला है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक