ट्रिपल आईटी में पार्श्व गायक बेनी दयाल की प्रस्तुति के साथ ‘एफ़रवेसेंस’ का हुआ समापन

 


प्रयागराज, 31 मार्च (हि.स.)। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी) इलाहाबाद में आयोजित तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘एफ़रवेसेंस’ का समापन मंगलवार की शाम बेहद शानदार अंदाज में हुआ। महोत्सव की अंतिम संध्या पर प्रसिद्ध पार्श्व गायक बेनी दयाल ने अपने जोशीले और ऊर्जा से भरपूर प्रदर्शन से पूरे परिसर को झूमने पर मजबूर कर दिया।

ग्रैंड फिनाले का लम्बे समय से इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ कार्यक्रम स्थल पर उमड़ पड़ी। जैसे ही बेनी दयाल मंच पर आए, पूरे परिसर में उत्साह और तालियों की गूंज सुनाई देने लगी। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों ‘बदतमीज़ दिल’, ‘लेट्स नाचो’, ‘उड़े दिल बेफ़िक्रे’, ‘पप्पू कांट डांस साला’ और अन्य सुपरहिट गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राएं संगीत की धुनों पर थिरकते रहे और माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। रोशनी, संगीत और दर्शकों के उत्साह ने अंतिम रात को यादगार बना दिया।

ट्रिपल आईटी के पीआरओ डॉ पंकज मिश्र ने बताया कि एफरवेसेंस 2026 के दौरान तीन दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक, तकनीकी और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिनमें देश भर के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं, प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक आयोजनों ने संस्थान के परिसर को उत्साह और रचनात्मकता से भर दिया।

उन्होंने बताया कि तीसरे दिन की शुरुआत ग्रैफिटी इवेंट के साथ बेहद रंगीन और ऊर्जावान अंदाज में हुई। स्प्रे पेंट और अनोखे विचारों के साथ प्रतिभागियों ने साधारण दीवारों को आकर्षक कलाकृतियों में बदल दिया। कहीं अमूर्त डिज़ाइन तो कहीं सामाजिक संदेशों से भरपूर चित्रों ने सभी का ध्यान खींचा। पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहां दर्शक बड़ी संख्या में इस लाइव आर्ट को देखने पहुंचे।

यह आयोजन न केवल कला का प्रदर्शन था, बल्कि एक ऐसा मंच भी बना जहां हर रंग और हर रेखा एक कहानी बयॉ कर रही थी। ग्रैफिटी ने तीसरे दिन की शुरुआत को खास बना दिया और पूरे दिन के लिए एक रचनात्मक माहौल तैयार कर दिया।

अन्य प्रतियोगिता ओपन माइक का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कविता, कहानी, गायन तथा अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त किया। उनकी आत्मविश्वासपूर्ण और मौलिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत और आकर्षक बना दिया।

इस आयोजन ने विद्यार्थियों के बीच उत्साह, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति का वातावरण बनाया। यह प्रतिभागियों के लिए अपने विचार, भावनाएं और कलात्मक क्षमता को मंच पर प्रस्तुत करने का एक शानदार अवसर साबित हुआ। दर्शकों ने भी कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया और प्रतिभागियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और प्रयासों की सराहना की।

इसके अंतर्गत “नुक्कड़ नाटक” कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों के मुख्य विषय थे - भारत में गरीबी, भारतीय न्याय व्यवस्था की कमियाँ, और सत्ता-केंद्रित राजनीति का अंधकारमय पक्ष। प्रतिभागियों ने सशक्त अभिनय, ऊर्जावान संवाद और प्रभावी प्रस्तुति के माध्यम से इन विषयों को विचारोत्तेजक ढंग से प्रस्तुत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र