कानपुर मेट्रो कॉरिडोर 2 टनलिंग पूरी होना बड़ा मील का पत्थर : सुशील कुमार

 


कानपुर, 30 मार्च (हि.स.)। कानपुर मेट्रो परियोजना के तहत कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन में टनल निर्माण का कार्य तय समय में पूरा कर लिया गया है, जो परियोजना की प्रगति में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। शहर के व्यस्त इलाकों के नीचे अत्याधुनिक तकनीक के जरिए बिना यातायात बाधित किए यह कार्य किया गया, जिसमें इंजीनियरों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कॉरिडोर एक और दो के संपूर्ण अंडरग्राउंड नेटवर्क की टनलिंग पूरी होने से मेट्रो विस्तार को गति मिलेगी और आगे के कार्यों का रास्ता साफ होगा। यह बातें यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने सोमवार को कहीं।

प्रबंध निदेशक ने बताया कि कानपुर मेट्रो ने कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के 4.80 किमी. लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन (रावतपुर से डबल पुलिया) में टनल निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही कॉरिडोर-1 और 2 के पूरे अंडरग्राउंड नेटवर्क की टनलिंग का कार्य संपन्न हो गया है।

‘पार्वती’ टनल बोरिंग मशीन ने ‘अप-लाइन’ टनल का निर्माण करते हुए डबल पुलिया स्टेशन पर अंतिम ब्रेकथ्रू हासिल कर लिया। इनिशियल ड्राइव शुरू होने के महज 16 महीनों के भीतर यह कार्य पूरा किया गया। इस दौरान यूपीएमआरसी और निर्माण एजेंसी के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

यूपीएमआरसी के मुताबिक करीब 8.60 किमी. लंबे कॉरिडोर-2 में लगभग 4.80 किमी. हिस्सा अंडरग्राउंड है। इसके अंतर्गत रावतपुर से कंपनी बाग चौराहा की दिशा में लगभग 620 मीटर लंबी अप और डाउन लाइन टनल का निर्माण किया गया, जिसके बाद काकादेव होते हुए डबल पुलिया तक कार्य को आगे बढ़ाया गया।

कॉरिडोर-2 में ‘गोमती’, ‘सरस्वती’ और ‘पार्वती’ टीबीएम मशीनों का उपयोग किया गया। ‘गोमती’ मशीन ने 9 फरवरी 2026 को डाउनलाइन टनल का कार्य पूरा किया, जबकि ‘पार्वती’ मशीन ने 30 मार्च 2026 को अपलाइन टनल का अंतिम ब्रेकथ्रू हासिल किया।

कानपुर मेट्रो का कुल नेटवर्क लगभग 32.5 किमी. लंबा है, जिसमें करीब 13.50 किमी. हिस्सा अंडरग्राउंड है। कॉरिडोर-1 के 8.60 किमी. लंबे भूमिगत सेक्शन में सात स्टेशन हैं, जबकि कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन में तीन स्टेशन बनाए जा रहे हैं।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप