प्रतियोगी परीक्षाओं में नहीं मिली सफलता तो स्वरोजगार से संवारी तकदीर

 


पांच लाख के ऋण से शुरू की आर्टिफिशियल फ्लावर यूनिट

बांदा, 13 अक्टूबर (हि.स.)। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता नहीं मिली तो निराश होकर बैठने के बजाय उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में शहर के छाबी तालाब निवासी ईश्वर कृष्ण सोनकर ने खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत पांच लाख रुपये का ऋण लेकर उन्होंने आर्टिफिशियल फ्लावर यूनिट स्थापित की। आज उनका कारोबार चल निकला है। वह खुद हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की बचत कर रहे हैं, वहीं नौ महिलाओं समेत करीब दर्जनभर लोगों को भी रोजगार से जोड़ चुके हैं।

योगी सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। इस योजना से लाभान्वित होकर ईश्वर कृष्ण सोनकर ने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की राह बनाई, बल्कि दूसरे लोगों के लिए भी कमाई का जरिया तैयार किया है।

परीक्षा की तैयारी छोड़ चुना अपना कारोबार

छाबी तालाब निवासी ईश्वर कृष्ण सोनकर ने पढ़ाई पूरी करने के बाद कई वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। लगातार प्रयास के बावजूद जब उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली तो उन्होंने स्वरोजगार की राह अपनाने का निर्णय लिया। इसी सिलसिले में वह जिला उद्योग कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण मिला। इस रकम से उन्होंने मवई गांव में आर्टिफिशियल फ्लावर यूनिट स्थापित कर अपना काम शुरू कर दिया।

कृष्णा एमएसएमई के नाम से चल रही यूनिट

ईश्वर कृष्ण ने अपनी निर्माण इकाई का नाम कृष्णा एमएसएमई रखा है। यहां छोटे-बड़े कृत्रिम फूलों, मालाओं और सजावट में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। तैयार उत्पादों की जिले के बाजारों में आपूर्ति की जाती है। सितंबर 2025 में यूनिट शुरू करने के बाद अब उनका कारोबार गति पकड़ने लगा है।

ईश्वर कृष्ण के मुताबिक, उनके काम से करीब 12 लोग जुड़े हैं, जिनमें नौ महिलाएं शामिल हैं। वह महिलाओं को कच्चा माल उपलब्ध कराते हैं और महिलाएं अपने घरों में खाली समय के दौरान कृत्रिम फूल तैयार करती हैं। इससे उन्हें घर बैठे आमदनी का अवसर मिल रहा है।

महिलाओं को हर महीने तीन से चार हजार की कमाई

इस काम से जुड़ी प्रत्येक महिला औसतन तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह कमा लेती है। घर की जिम्मेदारियों के साथ महिलाएं अपने खाली समय का इस्तेमाल आमदनी बढ़ाने में कर रही हैं। इससे उन्हें आर्थिक रूप से सहयोग मिलने के साथ आत्मनिर्भर बनने का भी अवसर मिला है।

ईश्वर कृष्ण सोनकर ने बताया कि कारोबार से जुड़े खर्चों को निकालने के बाद उन्हें हर महीने करीब 15 से 20 हजार रुपये की बचत हो जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपना काम शुरू करने का अवसर दिया। अब उनका लक्ष्य कारोबार का विस्तार करना और अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ना है।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह