बारिश और संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, आयुक्त ने अधिकारियों को दिए चौकसी बढ़ाने के निर्देश

 




बांदा, 31 अगस्त (हि.स.)। चित्रकूट मंडल में लगातार हो रही वर्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल बांदा अजीत कुमार ने मंडल के सभी जनपदों के अधिकारियों को पूर्ण सजगता और सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षा और संभावित बाढ़ के दौरान जनसुरक्षा तथा आमजन को समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आयुक्त ने सोमवार को सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि वे अपने पदीय दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी रखें। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को बाढ़ और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्व, पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, नगर निकाय, विद्युत, जल निगम, पशुपालन, खाद्य एवं रसद समेत सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। संवेदनशील और संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करते हुए उन्हें लगातार क्षेत्र भ्रमण करने और स्थानीय परिस्थितियों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

आयुक्त ने विशेष रूप से नदियों, नालों और अन्य जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय रहते सूचना उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। साथ ही बाढ़ चौकियों, राहत शिविरों और बचाव कार्यों से संबंधित व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा गया है।

उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर नावों, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि आपात स्थिति में लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।

स्वास्थ्य विभाग को वर्षा और जलभराव के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाइयां, ओआरएस, क्लोरीन सहित अन्य जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए। चिकित्सकीय टीमों को भी जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल भेजने के लिए तैयार रखा जाए। जलजनित और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नगर निकाय और पंचायतीराज विभाग को जलभराव वाले स्थानों पर प्रभावी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नालियों और जल निकासी मार्गों की सफाई कराते हुए पानी के सुचारू प्रवाह की व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा कहीं भी जलभराव होने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

वहीं विद्युत विभाग को बारिश के दौरान विद्युत सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त बिजली के पोल, टूटे तार अथवा अन्य विद्युत उपकरणों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने और आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।

आयुक्त ने आमजन से भी अपील की है कि वर्षा और संभावित बाढ़ के दौरान पूरी तरह सजग और सतर्क रहें। प्रशासन द्वारा जारी आवश्यक निर्देशों का पालन करें तथा नदी, नालों और तेज बहाव वाले जल क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से न जाएं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की गई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए और केवल अधिकृत एवं विश्वसनीय माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास किया जाए। किसी आकस्मिक स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल संबंधित तहसील, थाना, जिला प्रशासन अथवा निर्धारित आपातकालीन सेवा को सूचना देने की अपील की गई है।

आयुक्त अजीत कुमार ने सभी अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार भ्रमण और स्थलीय अनुश्रवण करते रहने के निर्देश देते हुए कहा कि प्राप्त होने वाली हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रशासन, विभागीय अधिकारियों और आमजन के समन्वित प्रयासों से ही जनसुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह