गोरखपुर नगर निगम लाएगा 80 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड
गोरखपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। गोरखपुर के नगरीय और व्यावसायिक विकास को और ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी सौगात दी है। सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर नगर निगम के 80 करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल बॉन्ड लाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। नगर निगम, इस बॉन्ड से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाने में करेगा। यह अत्याधुनिक और बहुआयामी कॉम्प्लेक्स गोलघर स्थित जलकल परिसर में बनाया जाएगा।
योगी सरकार ने स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के अपने संकल्प के अंतर्गत, नगर निगम गोरखपुर द्वारा म्यूनिसिपल बॉन्ड के क्रियान्वयन से जुड़े 80 करोड़ रुपये की धनराशि के प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी दे दी। इस स्वीकृत प्रस्ताव के माध्यम से नगर निगम जलकल परिसर में एक अत्याधुनिक और विशाल मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले स्थानीय प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख स्टेक होल्डर्स, बिल्डर्स और ट्रस्टियों के साथ व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श कर सर्वसम्मति सुनिश्चित की गई थी, जिसके बाद इस लोक-कल्याणकारी और राजस्व-जनित प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
महापौर ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के प्रयोगार्थ म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुसार, इस बड़े प्रोजेक्ट पर बिना किसी विलंब के अत्यंत तीव्र गति से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तय समय-सीमा के भीतर इसका लाभ जनता को मिलना शुरू हो सके। उन्होंने बताया कि यह कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स महानगर की व्यापारिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
राजस्व का मजबूत स्रोत बनेगा बॉन्ड की रकम से बनने वाला कॉम्प्लेक्स
नगर आयुक्त अजय जैन का कहना है कि गोरखपुर नगर निगम का यह सफल प्रयास इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय और लेखांकन प्रणालियां अब राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्ट मानकों को छू रही हैं। इस बॉन्ड व्यवस्था के माध्यम से निर्मित होने वाला कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स भविष्य में नगर निगम के लिए राजस्व का एक निरंतर और मजबूत स्रोत बनेगा। इस परियोजना से होने वाली आय को आगामी समय में राज्य सरकार के 'स्मार्ट और जीरो वेस्ट सिटी' के विजन को पूरा करने के लिए शहर की जलापूर्ति, आधुनिक स्वच्छता प्रणाली और बुनियादी जन-सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में पुनर्निवेश किया जाएगा, जो गोरखपुर को एक आदर्श और आत्मनिर्भर महानगर के रूप में स्थापित करेगा।
म्यूनिसिपल बॉन्ड बाजार से पारदर्शी तरीके से पूंजी जुटाने का सर्वोत्तम माध्यम
राज्य सरकार का मानना है कि म्यूनिसिपल बॉन्ड शहरी स्थानीय निकायों द्वारा बाजार से पारदर्शी तरीके से पूंजी जुटाने और वित्तीय रूप से सशक्त बनने का एक सर्वोत्तम आधुनिक माध्यम है। सीएम योगी के इस विशेष प्रोत्साहन से अब प्रदेश के नगर निगमों को विकास कार्यों के लिए केवल पारंपरिक सरकारी अनुदानों पर आश्रित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे अपनी सुदृढ़ वित्तीय साख (क्रेडिट रेटिंग) और प्रशासनिक पारदर्शिता के बल पर स्वयं बड़े और आत्मनिर्भर प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर सकेंगे। म्यूनिसिपल बॉन्ड के जरिये बाजार से धनराशि जुटाने पर सरकार की तरफ से प्रत्येक 100 करोड़ रुपये के सापेक्ष 13 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए नगर निगम सेबी (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के इशू एंड लिस्टिंग ऑफ म्यूनिसिपल डेब्ट सिक्योरिटीज रेगुलेशन 2015 का अनुपालन करते हुए अग्रिम कार्यवाही करेगा।
बहुआयामी होगा जलकल परिसर में बनने वाला कॉम्प्लेक्स
गोरखपुर नगर निगम की तरफ से गोलघर स्थित जलकर परिसर में बनाया जाने वाला मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बहुआयामी होगा। इसमें जलकल बिल्डिंग के दुकानदारों को स्थान देने के साथ ही कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए स्थान मुहैया कराया जाएगा। साथ ही इस मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में स्टूडियो अपार्टमेंट भी बनाया जाएगा। इस कॉम्प्लेक्स के निर्माण पर करीब 211 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें से 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था म्यूनिसिपल बॉन्ड से हो जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय