मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले यू-ट्यूबर सलीम पर हुए जानलेवा हमले का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

 


गाजियाबाद, 28 फ़रवरी (हि.स.)। मुस्लिम धर्म की कुरीतियों और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ बोलने वाले यू-ट्यूबर सलीम वारसी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आज स्वंय संज्ञान लिया है। उन्होंने शनिवार को अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मामले में कोई कोताही न बरती जाए। इस घटना को कारित करने वाले बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के द्वारा उक्त घटना का संज्ञान लेने से गाजियाबाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस के अधिकारी भागे हुए आरोपियों की तलाश में जुट गए हैं।

पीड़ित के ऊपर शुक्रवार काे एक के बाद एक 14 वार गर्दन और पेट में चाकू घोंपे गए। जब तक सलीम बेहोश नहीं हुए हमलावर चाकू मारते रहे। घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। उन्हे जीटीबी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पीड़ित के बेटे उस्मान ने भाटी बिल्डर और एएमआईएम नेता अजगर , अशफाक, शाहरुख और सोनू के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।

सहायक पुलिस आयुक्त लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि अल्वीनगर निवासी उस्मान ने बताया कि उनके पिता सलीम वारसी एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं। अली गार्डन कॉलोनी में उनका कार्यालय है। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी की सुबह करीब छह बजे उनके पिता कार्यालय पर गए थे। उसी दौरान दो अज्ञात बाइक सवार हेलमेट पहनकर कार्यालय में घुस गए। आरोपियों ने उनके पिता पर चाकू से ताबड़तोड़ गर्दन और पेट पर कई बार किए। उन्होंने बताया कि पीड़ित के अनुसार उनके पिता के बेहोश होने के बाद उन्हें मरा हुआ समझकर बदमाश वहां से भाग गए ।

उन्होंने बताया कि चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग कार्यालय में पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। घायल को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उस्मान ने अपनी तहरीर में भाटी बिल्डर, एएमआईएम के नेता अजगर, अशफाक, सोनू और शाहरुख पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पुलिस की तीन टीमें बनाकर आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है।

मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद पुलिस कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने दोहराया है कि कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की हिंसा या असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान/सुरेश

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी