क्लीनिक संचालक ने फंदा लगाकर दी जान

 


कानपुर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। रावतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार को एक युवक ने घर की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजनों ने आवाज लगाई। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पड़ताल में जुट गई।

रजियाणा निवासी क्लीनिक संचालक शोएब (35) अपने पिता मोहम्मद जमील के साथ घर के नीचे स्थित दुकान में क्लीनिक चलाते थे। परिवार में माता-पिता, तीन भाई, पत्नी तबस्सुम और दो बच्चे उमइमा व हरीबा हैं। परिजनों के मुताबिक गुरुवार दोपहर शोएब घर की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में चले गए थे। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने उन्हें आवाज दी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजनों ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रावतपुर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो शोएब फंदे से लटके मिले। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घटनास्थल की जांच करने के साथ परिजनों से पूछताछ की। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने बताया कि शोएब के इस तरह अचानक कदम उठाने से वे भी हैरान हैं।

रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप