लखनऊ के छोहरिया माता मंदिर का होगा जीर्णोद्धार

 


लखनऊ, 26 मई (हि.स.)। प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ अब उन आस्था स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है, जो अब तक स्थानीय स्तर तक ही सीमित रहे हैं। इसी क्रम में लखनऊ के चिनहट स्थित छोहरिया माता मंदिर को पर्यटन विकास परियोजना में शामिल किया गया है। लंबे समय से यह मंदिर आसपास के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं और प्रचार-प्रसार के अभाव में यह स्थल व्यापक पहचान नहीं बना सका। अब पर्यटन विभाग इसे धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है।

परियोजना के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कई विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इसके लिए 1.15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जबकि 86 लाख रुपये की धनराशि जारी भी की जा चुकी है। फिलहाल परियोजना प्रक्रियागत चरण में है और जल्द ही जमीनी स्तर पर कार्य शुरू होने की उम्मीद है। योजना में मंदिर परिसर का सुंदरीकरण, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के बैठने की सुविधा, पेयजल, मार्ग सुधार और अन्य मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने पर जोर रहेगा। इन कार्यों से श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और मंदिर की पहचान भी बढ़ेगी।

मंदिर के पुजारी श्री लल्ला बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के प्रयासों से छोहरिया माता मंदिर के विकास का कार्य शुरू होने जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और मंदिर की पहचान भी बढ़ेगी।

अल्पज्ञात धार्मिक स्थलों को भी नई पहचान दे रही सरकार: जयवीर सिंहप्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि छोहरिया माता मंदिर के विकास से न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचेगा। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से आसपास छोटे कारोबार, दुकानों और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे नई पहचान देने के लिए लगातार काम कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन