चित्रगुप्त धाम का हो रहा कायाकल्प, अंतिम चरण में विकास कार्य
लखनऊ, 04 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद के ऐतिहासिक सीताकुण्ड परिसर में स्थित श्री चित्रगुप्त धाम मंदिर अब एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। भगवान चित्रगुप्त को समर्पित यह पवित्र स्थल विशेष रूप से कायस्थ समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। गोमती तट के समीप स्थित यह धार्मिक स्थल अपनी पौराणिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत के कारण लंबे समय से श्रद्धा का केंद्र रहा है।
धार्मिक महत्व और पर्यटन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण एवं समग्र विकास का कार्य कराया जा रहा है। लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद यह स्थल न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि एक विकसित पर्यटन केंद्र के रूप में भी उभरेगा।
श्रद्धालुओं के लिए विकसित हो रही आधुनिक सुविधाएं
मंदिर परिसर के कायाकल्प के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें मंदिर परिसर का सुंदरीकरण, पथ-निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता सुविधाएं और अन्य आधारभूत ढांचे का विकास शामिल है। साथ ही परिसर में उद्यान और अन्य आकर्षक संरचनाओं के निर्माण की भी योजना है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि,“सुल्तानपुर के सीताकुण्ड स्थित श्री चित्रगुप्त धाम हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। मंदिर परिसर का हो रहा सौंदर्यीकरण श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के साथ इस स्थल की गरिमा को और बढ़ाएगा।
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि, “श्री चित्रगुप्त धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि स्प्रिचुएल टूरिज्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। इसके विकास के माध्यम से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के साथ एक समग्र और दिव्य तीर्थ अनुभव तैयार किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन