गोरखपुर मंडल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वित्तीय वर्ष में 7453 बेटियों के हाथ हुए पीले

 

गोरखपुर, 30 अप्रैल (हि.स.)। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी की चिंता योगी सरकार ने दूर कर दी है। इसका जरिया बनी है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की बखूबी जिम्मेदारी उठाते हुए सरकार ने बीते वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) में गोरखपुर मंडल में 7453 बेटियों के हाथ पीले कराए।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, समाज कल्याण विभाग की, महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं में से एक है। सीएम योगी इस योजना को लेकर खुद बहुत संवेदनशील रहते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर में प्रतिवर्ष समाज कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में सम्मिलित होते रहे हैं। इस योजना को लेकर उनकी संजीदगी को इसी बात से समझा जा सकता है कि गत वर्ष मई माह के अंत में प्रति जोड़ा निर्धारित धनराशि को 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है। पहले 51 हजार रुपये की धनराशि में से 35 हजार रुपये बिटिया के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते थे और 10 हजार रुपये उपहार के मद में खर्च किए जाते थे। धनराशि एक लाख रुपये होने के बाद बिटिया के बैंक खाते में 60 हजार रुपये की धनराशि अंतरित की जाती है और वर-वधु के उपहार के मद में 25 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं। शेष रकम भोज व आयोजन के व्यवस्थागत व्यय के लिए है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समाज कल्याण विभाग की तरफ से गोरखपुर मंडल में गत वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक शादियां महराजगंज जिले में कराई गईं। यहां 3070 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। पिछले वित्तीय वर्ष में कुशीनगर में 1841, गोरखपुर में 1569 और देवरिया में 973 जोड़ों की शादियां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत कराई गईं। मंडल में सामूहिक विवाह योजना के आयोजनों में 44.71 करोड़ रुपये की धनराशि वधु बनीं बेटियों के बैंक खाते में अंतरित किए गए जबकि 18 करोड़ रुपये से अधिक के उपहार नवविवाहित जोड़ों को प्रदान किए गए।

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा का कहना है कि मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुसार समाज में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ पहुंचाया जा रहा है, ताकि किसी भी गरीब पिता को अपनी बेटी के विवाह के लिए कर्ज के बोझ तले न दबना पड़े। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल एक आर्थिक सहायता मात्र नहीं रह गई है, बल्कि यह दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एक बड़े अभियान के रूप में भी उभरी है।

समाज कल्याण विभाग की तरफ से कराए गए सामूहिक विवाह

(1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक)

जिला जोड़ों की संख्या

गोरखपुर 1569

देवरिया 973

कुशीनगर 1841

महराजगंज 3070

वधु के बैंक खाते में अंतरित राशि (रु.)

गोरखपुर 94140000

देवरिया 58380000

कुशीनगर 110400000

महराजगंज 184200000

जोड़ों के उपहार पर खर्च (रु.)

गोरखपुर 39225000

देवरिया 21961008

कुशीनगर 46000000

महराजगंज 76750000

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय