महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में हाेगी श्रीमद्भागवत कथा, सामयिक विषयों पर होगा सम्मेलन
गोरखपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथामृत के रसपान और समाज व राष्ट्र को प्रभावित करने वाले कई ज्वलंत मुद्दों पर चिंतन-मंथन का अवसर प्राप्त होगा। महंतद्वय की पावन स्मृति में कथा का शुभारंभ 23 सितंबर तथा सामयिक विषयों पर केंद्रित सम्मेलन का शुभारंभ 24 सितंबर को होगा। पुण्यतिथि सप्ताह समारोह के उद्घाटन व समापन समारोह में मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ भी सम्मिलित होंगे। उनके मार्गदर्शन में कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस संबंध में जनपद गाेरखपुर में गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि श्रीगोरक्षपीठ की गौरवशाली आध्यात्मिक-धार्मिक परंपरा को एक नई दिशा प्रदान करने वाले महान देशभक्त, अपराजेय धर्मयोद्धा, राष्ट्रवादी राजनीति के वाहक, युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का विराट व्यक्तित्व आज भी समूचे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। युगपुरूष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पावन स्मृति में सप्तदिवसीय श्रद्धांजलि समारोह 24 सितंबर से 30 सितंबर तक प्रातः 10ः30 बजे से श्रीगोरक्षनाथ मंदिर में संपन्न होगा।
उन्होंने बताया कि श्रद्धांजलि समारोह के अंतर्गत 23 से 29 सितंबर तक अपराह्न 3ः00 बजे से सायं 6ः00 बजे तक सप्तदिवसीय संगीतमय ‘श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ’ का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में किया जाएगा। श्री रेवासा धाम, वृंदावन से पधारने वाले मलूकपीठाधीश्वर, श्रीमद्जगद्गुरु द्वाराचार्य अग्रपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज कथाव्यास के रूप में कथामृत की वर्षा करेंगे। 23 सितंबर को अपराह्न 2:30 बजे अखण्ड ज्योति तथा श्रीमद्भागवत महापुराण की भव्य शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह से दिग्विजयनाथ स्मृति भवन (कथा स्थल) तक निकाली जाएगी।
योगी कमलनाथ ने कहा कि युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने धर्म, संस्कृति, शिक्षा, समाज एवं राष्ट्र के प्रायः सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज की थी। देश में वे आध्यात्मिक-सामाजिक- पुनर्जागरण के अग्रदूत के रूप में प्रतिष्ठित हुए तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक, चिकित्सा, तकनीकी पुनर्जागरण के अग्रदूत बनकर उभरे। महंतद्वय के सपनों के समर्थ भारत के पुनर्निर्माण एवं समाज के पुनर्जागरण हेतु उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतर्गत समाज एवं राष्ट्र को प्रभावित करने वाले समसामयिक विषयों पर सम्मेलन 24 सितंबर से प्रारंभ होगा।
उन्हाेंने बताया कि प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:30 बजे से होने वाले सम्मेलन के पहले दिन ‘भारतीय ज्ञान परंपरा का वर्तमान परिप्रेक्ष्य’ विषय पर गहन विमर्श होगा। दूसरे दिन (25 सितंबर) को ‘नशा नाश का कारण है’, तीसरे दिन (26 सितंबर) को ‘लोकतंत्र की जननी है भारत’, चौथे दिन (27 सितंबर) को ‘संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति’, पांचवें दिन (28 सितंबर) को ‘भारतीय संस्कृति एवं गोसेवा’ विषयों पर सम्मेलन में होंगे। 29 सितंबर को युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा तथा 30 सितंबर को राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। इन दोनों श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होगा। श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ, सप्तदिवसीय सम्मलेन एवं श्रद्धांजलि सभा का सीधा प्रसारण गोरखनाथ मंदिर के फेसबुक पेज एवं यू-ट्यूब चैनल पर किया जायेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय