कूड़े से कमाई और जैविक खाद उत्पादन का मॉडल बना चौबेपुर कला : जितेन्द्र प्रताप सिंह

 


कानपुर, 24 जून (हि.स.)। घर-घर कूड़ा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण और वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के जरिए चौबेपुर कला ग्राम पंचायत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का सफल मॉडल बनकर उभरी है। पंचायत में एक लाख आठ हजार रुपये यूजर चार्ज संग्रहित किए गए हैं और 16 कुंतल जैविक खाद तैयार की जा चुकी है। यह बातें बुधवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आरआरसी सेंटर के जायजा लेने के दौरान कहीं।

विकासखंड चौबेपुर की ग्राम पंचायत चौबेपुर कला में स्थापित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरआरसी सेंटर) का बुधवार को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान केंद्र का संचालन संतोषजनक पाया गया।

अधिकारियों को बताया गया कि ग्राम पंचायत में ई-रिक्शा के माध्यम से घर-घर से कूड़ा एकत्र किया जाता है। इसके बाद कचरे का पृथक्करण कर प्लास्टिक अपशिष्ट को रमईपुर और बिल्हौर देहात स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट केंद्रों को भेजा जाता है। ग्राम प्रधान और पंचायत की पहल से ग्रामीणों द्वारा करीब 1.08 लाख रुपये का यूजर चार्ज भी जमा कराया गया है, जिसे ग्राम पंचायत के ओएसआर खाते में जमा किया गया है।

पंचायत सचिव सुप्रिया सिंह के प्रयासों से आरआरसी सेंटर में वर्मी कम्पोस्ट इकाई भी संचालित की जा रही है। वर्तमान में करीब 16 कुंतल जैविक खाद तैयार हो चुकी है। तैयार खाद का उपयोग और विक्रय उद्यान विभाग, वन विभाग, नगर निगम तथा कानपुर विकास प्राधिकरण समेत विभिन्न संस्थानों में किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वर्मी कम्पोस्टिंग इकाई, कूड़ा पृथक्करण और प्रसंस्करण व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है तथा एक अप्रैल 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

उन्होंने लोगों से घरेलू कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और घरेलू हानिकारक अपशिष्ट की चार श्रेणियों में अलग-अलग करके संग्रहण वाहन को देने की अपील की। साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, बड़े संस्थान और बल्क वेस्ट जनरेटर्स को अपने परिसर में ही कचरे का पृथक्करण और प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े के ढेर किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में कूड़ा पृथक्करण, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी नियमित निगरानी होगी। निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

दौरे के दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने परिसर में पौधारोपण भी किया तथा ग्रामीणों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, ग्राम प्रधान अरविन्द यादव समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और ग्राम पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप