प्रयागराज में कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श कार्यक्रम का हुआ आयोजन

 




प्रयागराज, 04 फरवरी (हि.स)। प्रयागराज स्थित जगत तरन गोल्डन जुबली स्कूल के ऑडिटोरियम में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक एवं कैरियर से जुड़े निर्णयों को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सूचित एवं विवेकपूर्ण ढंग से लेने में सहायता प्रदान करना था।

यह कार्यक्रम चयन केंद्र पूर्व, भारतीय सेना तथा जनसंपर्क कार्यालय, प्रयागराज, रक्षा मंत्रालय की संयुक्त आउटरीच पहल के अंतर्गत किया गया। जिसे यूफोरियल यूथ सोसाइटी द्वारा संयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा 10 के बाद विषय चयन, उच्च शिक्षा के अवसरों, कैरियर नियोजन तथा आवश्यक जीवन कौशल के विकास पर संरचित मार्गदर्शन प्रदान करना था।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मेजर जनरल धर्मराज राय, कमांडेंट, चयन केंद्र पूर्व ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। उन्होंने व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में अनुशासन, नेतृत्व, उद्देश्य की स्पष्टता तथा दृढ़ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, अपने प्रयासों में केंद्रित रहने तथा अपने भविष्य के निर्माण के दौरान ईमानदारी, जिम्मेदारी एवं समाज सेवा जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनके सम्बोधन ने विद्यार्थियों को तात्कालिक शैक्षणिक परिणामों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक व्यक्तिगत विकास एवं राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने हेतु प्रेरित किया।

रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के पीआरओ एवं प्रवक्ता देबर्थो धर ने बताया कि कार्यक्रम में लगभग 300 विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स एवं शिक्षकों ने भाग लिया। जो सीबीएसई, आईसीएसई तथा उत्तर प्रदेश बोर्ड से संबद्ध विभिन्न विद्यालयों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। श्रीमती सुष्मिता कानुंगो, प्रधानाचार्या, जगत तरन गोल्डन जुबली स्कूल ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई एवं इस कैरियर मार्गदर्शन पहल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। संवादात्मक चर्चाओं एवं मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को विविध कैरियर विकल्पों, उभरते अवसरों तथा व्यक्तिगत रुचि एवं योग्यता के अनुरूप कैरियर चयन के महत्व पर जानकारी प्रदान की गई।

शिक्षकों एवं आयोजकों ने इस बात पर बल दिया कि इस प्रकार की पहलें विशेष रूप से परीक्षा अवधि के दौरान विद्यार्थियों के शैक्षणिक तनाव कम करने में सहायक होती हैं, क्योंकि इससे निर्णय लेने में स्पष्टता एवं आत्मविश्वास प्राप्त होता है। पीआरओ ने बताया कि आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी सहभागी संस्थानों, शिक्षकों, एनसीसी कैडेट्स एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल भारतीय सेना एवं रक्षा मंत्रालय की संरचित आउटरीच प्रयासों से युवाओं के साथ सकारात्मक सहभागिता एवं उनके समग्र विकास के समर्थन के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है।

हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र