किचन में गंदगी मिलने पर द कैफे पाई का खाद्य कारोबार बंद

 


कानपुर, 10 सितंबर (हि.स.)। खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और हाइजीन व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी अभिलेख भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध होने चाहिए। मानकों का पालन नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह बातें गुरुवार को सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा संजय प्रताप सिंह ने द कैफे पाई के निरीक्षण के बाद कहीं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुरुवार को कारगिल पार्क, मोतीझील स्थित द कैफे पाई का निरीक्षण किया। इस दौरान किचन में साफ-सफाई और हाइजीन की स्थिति बेहद खराब मिली। डीप फ्रीजर के कोनों में धूल, सब्जियों के छिलके, सॉस और मेयोनीज के अवशेष के साथ गंदगी की मोटी परत जमा थी।

किचन के फर्श और दीवारों पर धूल व चिकनाई मिली, जबकि एग्जॉस्ट फैन पर भी धूल और तेल की मोटी परत जमी थी। निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह चूहों के बिल भी मिले।

टीम ने पेस्ट कंट्रोल से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन प्रतिष्ठान की ओर से कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया जा सका। किचन की नियमित साफ-सफाई से संबंधित रिकॉर्ड भी मौके पर उपलब्ध नहीं मिला। खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी प्रमाणपत्र और शेफ का हाइजीन प्रमाणपत्र भी टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया।

निरीक्षण के दौरान खाद्य निर्माण में लगे कर्मचारी बिना ग्लव्स और हेड कवर के काम करते मिले। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह होने पर टीम ने ग्रीन चिली सॉस और सॉस के नमूने भी संग्रहित किए।

किचन में गंदगी और खराब हाइजीन व्यवस्था को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ-सफाई दुरुस्त होने तक प्रतिष्ठान का खाद्य कारोबार बंद करा दिया। विभाग के अनुसार परिसर में समुचित स्वच्छता और हाइजीन व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही आगे खाद्य कारोबार की अनुमति दी जाएगी।

संजय प्रताप सिंह ने बताया कि नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप