वैज्ञानिकाें ने किसानाें काे फसल अवशेष एवं जनकल्याणकारी याेजनाओं की दी जानकारी
कानपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। फसल अवशेष जलाने से मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म जीवों की संख्या कम हो जाती है। इसके साथ ही मिट्टी के पोषक तत्व घटते हैं, मिट्टी कठोर हो जाती है, और उसकी जल धारण क्षमता में कमी आती है। जीवांश पदार्थ की मात्रा घटने से मिट्टी धीरे-धीरे बंजर होने लगती है, जिससे उपज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह बातें सोमवार को मृदा (मिट्टी) वैज्ञानिक डॉ खलील खान ने कही।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर द्वारा विकासखंड मैथा के गांव औनहां में फसल अवशेष प्रबंधन पर जनपद स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की और उन्हें इसके उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया।
केंद्र की गृह वैज्ञानिक डॉ. निमिषा अवस्थी ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी का स्वास्थ्य खराब होता है और पर्यावरण प्रदूषित होता है। उन्होंने किसानों से फसल अवशेषों को खेत में ही डीकंपोजर की सहायता से सड़ाने की अपील की।
प्रसार वैज्ञानिक डॉ. राजेश राय ने हैप्पी सीडर, मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर जैसे कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से अपने गांवों में अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति अन्य किसानों को जागरूक करने का आग्रह किया।
सहायक विकास अधिकारी (कृषि) बृजेंद्र यादव ने कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राहुल कटियार ने पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के उपाय बताए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य रामजी अग्निहोत्री ने प्राकृतिक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों से वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई तकनीकों को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ स्वयंसेवी प्रदीप अवस्थी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों में जागरूकता बढ़ती है और उत्पादन में वृद्धि होती है।
अंत में मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रश्नोत्तरी सत्र में विजयी किसानों को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में धर्मेंद्र सिंह चंदेल, सोनू सिंह और शुभम यादव का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा मंत्री पुष्पलता सिंह, समाजसेवी शिवनारायण अवस्थी, श्रीराम प्रकाश अवस्थी समेत दो सौ से अधिक किसानों ने सहभागिता की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप