सरकारी जमीन पर बने 20 साल पुराने मदरसे पर चला बुलडोजर
गाजियाबाद, 16 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद के कुशलिया गांव में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने एक मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि मदरसा सरकारी रास्ते की जमीन पर बनाया गया था और करीब 20 साल से वहां संचालित हो रहा था।
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि जिस जमीन पर मदरसा बना था वह राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी रास्ते के रूप में दर्ज है। अधिकारियों का दावा है कि इस जमीन पर बिना किसी वैध अनुमति के 'फ़ैज़-ए-आम मदरसा मिस्बाह उल उलूम' नाम से निर्माण कराया गया था। उनके मुताबिक, यह मामला शिकायत मिलने के बाद सामने आया। इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने जांच की। जांच में पाया गया कि खसरा संख्या 1061 और 1067 की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि कब्जा करने वाले व्यक्ति यामीन पुत्र गनी थे, जिनकी अब मृत्यु हो चुकी है।
एसडीएम सदर अरुण दीक्षित ने बताया कि करीब 0.088 हेक्टेयर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। प्रशासन के अनुसार, इस जमीन की वर्तमान बाजार कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही। बुलडोजर की मदद से पूरे निर्माण को हटाया गया और जमीन को सरकारी कब्जे में वापस ले लिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी और सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाएगा। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी