सहारनपुर में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से दो मजदूरों की मौत, दो लापता

 


सहारनपुर , 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जिले के गंगोह-बिड़ौली मार्ग पर गांव कुंडाबसी के पास स्थित पटाखा निर्माण इकाई में शुक्रवार की देर शाम करीब साढ़े चार बजे अचानक जबरदस्त विस्फोट हुआ। हादसे के समय फैक्ट्री के एक हिस्से में आतिशबाजी के लिए बारूद का मिश्रण तैयार किया जा रहा था, जबकि दूसरी ओर करीब 20 मजदूर काम में लगे थे।

विस्फोट होते ही अफरा-तफरी मच गई और दूसरी इकाई में काम कर रहे मजदूर जान बचाकर बाहर भागे। हादसे में 23 वर्षीय दीपराज और 25 वर्षीय संदीप की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों इंदौर जिले के रहने वाले और एक माह पहले ठेकेदारी के कार्य के लिए यहां आए थे।

साथ काम कर रहे मजदूरों के मुताबिक, आकाश और राहुल भी विस्फोट वाले हिस्से में मौजूद थे। देर शाम तक उनका पता नहीं चल सका। उनके मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। विस्फोट इस कदर तेज था कि फैक्ट्री की दीवारें और टीनशेड पूरी तरह उड़ गए। मलबा और शवों के अवशेष दूर तक बिखर गए। पुलिस और राहत दल ने घंटों तक मौके पर खोजबीन कर शवों के अवशेष एकत्र किए। फैक्ट्री गांव निवासी मुर्सलीन की जमीन पर संचालित हो रही थी, जिसे गाजियाबाद निवासी हसन ने किराये पर लेकर पटाखा निर्माण इकाई स्थापित की थी। परिसर करीब पांच बीघा क्षेत्र में फैला है और दो हिस्सों में है।

घटना की सूचना मिलते ही डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह, अग्निशमन विभाग और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और विस्फोट के कारणों की जांच शुरू करा दी। प्रशासन फैक्टरी में सुरक्षा मानकों, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और लाइसेंस की शर्तों के पालन की भी जांच करेगा।

सहारनपुर जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी में दो ठेकेदारों की मृत्यु की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य मजदूरों की तलाश की जा रही है। फैक्टरी के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / MOHAN TYAGI