हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना कांग्रेस की पुरानी आदत : रमेश सिंह

 


सुलतानपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं काशी क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाने से पहले देश के सामने ठोस तथ्य और प्रमाण रखने चाहिए।

भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री सिंह ने कहा कि हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना कांग्रेस की पुरानी आदत है। राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ का आरोप तथ्य नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी और सुर्खियों में बने रहने का हिस्सा है। लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर बिना प्रमाण आरोप लगाना गैरजिम्मेदाराना है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस-सपा समेत विपक्षी दल चुनाव जीतने पर इसका श्रेय अपने पुरुषार्थ को देते हैं, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग और ईवीएम को दोष देने लगते हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनाव में भी एसआईआर को मुद्दा बनाए जाने के बावजूद विपक्ष को जनता का समर्थन नहीं मिला।

रमेश सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया कि एसआईआर से जुड़े निर्णय आयोग की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हर चुनाव में अपनी विफलता का हिसाब जनता को देने के बजाय सुर्खियों में बने रहने के लिए कभी सुप्रीम कोर्ट, कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग, कभी सीबीआई-ईडी और कभी मतदाता सूची को सवालों के घेरे में खड़ा करते हैं।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का ‘वोट चोरी’ का आरोप उनकी राजनीतिक धारणा हो सकती है, लेकिन उसे तथ्य और प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करने के लिए ठोस साक्ष्य सामने रखना होगा। भाजपा संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और गरिमा के प्रति प्रतिबद्ध है। कांग्रेस से भी अपेक्षा है कि आरोप लगाने से पहले देश के सामने तथ्य और प्रमाण रखे।

भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला प्रभारी बृजभूषण सिंह, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह, विधायक राजेश गौतम, राजप्रसाद उपाध्याय, सीताराम वर्मा और जिला मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दयाशंकर गुप्त