जिला समितियों के गठन को लेकर भाजपा अवध क्षेत्र की बैठक संपन्न
लखनऊ, 22 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने रविवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय पर अवध क्षेत्र की जिला समितियों के गठन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला प्रभारियों, जिलाध्यक्षों तथा जिला पर्यवेक्षकों के साथ विस्तार से मंथन किया गया।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश में जिला समितियों का गठन संगठनात्मक संतुलन एवं व्यापक सहमति के आधार पर किया जा रहा है। इसके लिए पूर्व में प्रत्येक जिले में पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए थे, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं, पूर्व जिलाध्यक्षों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर जिला समितियों के लिए कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की। पर्यवेक्षकों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को प्रदेश नेतृत्व के समक्ष रखा गया, जिस पर गहन विचार-विमर्श के उपरांत जिला समितियों के गठन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
विदित हो कि इससे पूर्व ब्रज, पश्चिम, काशी एवं कानपुर- बुंदेलखंड क्षेत्र की समितियों के गठन पर विचार-विमर्श हुआ था। इसी क्रम में रविवार को अवध क्षेत्र की जिला समितियों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने जिलावार समीक्षा करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्षों, प्रभारियों एवं पर्यवेक्षकों से फीडबैक लिया। इस दौरान संगठन में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने, महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने तथा समर्पित, अनुशासित एवं वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने पर विशेष जोर दिया गया।प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संगठन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी संगठनात्मक शक्ति के आधार पर पार्टी लगातार जनसेवा के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम एवं सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता ही भाजपा की विजय का आधार है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन