नकली लिपाग्लिन दवा के कारोबार में बड़ा खुलासा, दो के खिलाफ एफआईआर दर्ज
नकली एवं काउंटरफीट औषधि लिपाग्लिन टैबलेट के क्रय-विक्रय और फर्जी बिलिंग के मामले में औषधि विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सर्वेश सिंह उर्फ मुन्ना भाई तथा राजस्थान की फर्म मेसर्स क्योरहेल्थ मेडिकोस के संचालक दुर्गेश कुमार के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में एफआईआर
लखनऊ, 26 सितंबर। नकली एवं काउंटरफीट औषधि लिपाग्लिन टैबलेट, बैच नंबर आईबी00327ए के क्रय-विक्रय और फर्जी बिलिंग के मामले में औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सर्वेश सिंह उर्फ मुन्ना भाई तथा राजस्थान की फर्म मेसर्स क्योरहेल्थ मेडिकोस के संचालक दुर्गेश कुमार के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाना अमीनाबाद में तहरीर दी गई है।
मामला केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, नार्थ जोन, गाजियाबाद और राजस्थान के औषधि नियंत्रण अधिकारियों की संयुक्त जांच से सामने आया। जांच में पाया गया कि काउंटरफीट लिपाग्लिन की 9,610 स्ट्रिप मेसर्स क्योरहेल्थ मेडिकोस द्वारा गुजरात की दो फर्मों को बेची गईं। अभिलेखों में इन दवाओं की खरीद लखनऊ स्थित मेसर्स बालाजी फार्मास्युटिकल्स से कुल 11,360 स्ट्रिप दर्शाई गई थी।
जांच के दौरान मेसर्स क्योरहेल्थ मेडिकोस के लाइसेंस प्राप्त परिसर में दवाओं का कोई भंडारण नहीं मिला। परिसर किसी अन्य व्यवसाय को किराए पर दिया गया था। वहीं, लखनऊ में मेसर्स बालाजी फार्मास्युटिकल्स के नाम से जारी औषधि लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था और फर्म का जीएसटी पंजीकरण भी रद्द हो चुका था।
पूछताछ में मेसर्स बालाजी फार्मास्युटिकल्स के पूर्व संचालक ने इन दवाओं की बिक्री से इनकार किया। दूसरी ओर, मेसर्स क्योरहेल्थ मेडिकोस के संचालक दुर्गेश कुमार ने वीडियो कॉल के दौरान बताया कि उसे दवाओं की आपूर्ति ‘मुन्ना भाई’ के माध्यम से हुई थी। जांच में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों का संबंध सर्वेश सिंह और अन्य व्यक्तियों से सामने आया।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि इसी लिपाग्लिन बैच के संबंध में महाराष्ट्र के ठाणे शहर में भी सर्वेश उर्फ मुन्ना सिंह समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है। औषधि विभाग के अनुसार, निरस्त लाइसेंस के नाम का कथित रूप से इस्तेमाल कर फर्जी अभिलेख एवं बिल तैयार किए गए और काउंटरफीट दवाओं का अवैध क्रय-विक्रय किया गया। मामले में बीएनएस की धारा 3(5), 276, 277, 278, 318(4), 319, 336(2) और 340(2) सहित अन्य सुसंगत धाराओं में कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।